रिपोर्ट-अभिषेक सिंह, एडिट- विजय नंदन
छत्तीसगढ़ के 25वें स्थापना दिवस पर “डॉ. भंवर सिंह पोर्ते सम्मान” से सम्मानित किए जाने के बाद कांकेर जिले के समाजसेवी शेर सिंह आँचला आज पहली बार अपने गृह ग्राम भानुप्रतापपुर पहुंचे। यहां पहुंचने पर आदिवासी समाज के वरिष्ठ जनों और स्थानीय लोगों ने पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। आदिवासी समाज के उत्थान, शिक्षा और संस्कृति के संरक्षण में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए राज्य सरकार ने उन्हें “डॉ. भंवर सिंह पोर्ते सम्मान” से सम्मानित किया है।

भानुप्रतापपुर में स्वागत समारोह के दौरान शेर सिंह आँचला ने कहा कि यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज का है। मैं तो इस समाज का मात्र कांवड़िया हूं। आपके प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सहयोग से यह उपलब्धि मिली है। अब हमारी जिम्मेदारी है कि इस सम्मान की गरिमा को बनाए रखें। उन्होंने आगे कहा कि वे अपने समाज की प्रगति, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए लगातार कार्य करते रहेंगे।
इस मौके पर बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग, स्थानीय जनप्रतिनिधि और युवा शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक नृत्य, गीत और स्वागत समारोह का आयोजन भी किया गया।
“यह सम्मान मेरे अकेले का नहीं, पूरे समाज का है। मैं समाज के सहयोग से आगे भी इसी तरह जनसेवा के कार्य करता रहूंगा।”





