रिपोर्टर: लोकेश्वर सिन्हा
गरियाबंद जिले के छुरा ब्लॉक अंतर्गत भरवामुड़ा गांव के जंगलों में दो तेंदुओं की संदिग्ध मौत ने सनसनी फैला दी है। ग्रामीणों द्वारा अलग-अलग स्थानों पर तेंदुए के अवशेष देखे जाने की सूचना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, दो-तीन दिन पहले जंगल में तेंदुओं के शव पड़े थे, लेकिन अब वे शव गायब हैं। मौके पर केवल हड्डियां, खाल और अन्य अवशेष मिले हैं। अवशेष कई मीटर के दायरे में फैले हुए मिले हैं, जिससे मामले की गंभीरता और जांच की जटिलता बढ़ गई है।
डीएफओ लक्ष्मण सिंह और रेंजर धीरेंद्र साहू टीम के साथ मौके पर पहुंचे। रेंजर साहू ने पुष्टि करते हुए कहा कि “अभी तक कोई भी पूरा शव बरामद नहीं हुआ है।” वहीं, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. केपी शर्मा ने बताया कि डीएनए जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि एक तेंदुए की मौत हुई है या दो की।
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, लकड़बग्घा जैसे शिकारी जानवर शव को पहाड़ी की ओर खींच ले गए। लेकिन सवाल यह है कि अगर मौत प्राकृतिक थी तो तेंदुए के अंग गायब क्यों हैं?
वन विभाग अब इस मामले की डीएनए जांच करवा रहा है और शिकार या तस्करी की आशंका से भी इनकार नहीं कर रहा है। फिलहाल जांच जारी है, लेकिन घटना ने जंगल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।





