Report: Avinash shrivastva
Sasaram शहर के लालगंज नहर स्थित समर्पण हॉस्पिटल में शुक्रवार की रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सदर एसडीएम डॉ. नेहा कुमारी ने भारी पुलिस बल के साथ अचानक धावा बोल दिया। यह कार्रवाई एक महिला जीएसटी (GST) अधिकारी के नवजात बच्चे की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन पर लगे लापरवाही के आरोपों के चलते की गई है। इस घटना ने शहर के निजी अस्पतालों की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Sasaram प्रसव के बाद नवजात की मौत से मचा कोहराम
जानकारी के अनुसार, सासाराम जीएसटी कार्यालय में तैनात महिला अधिकारी ज्योति कुमारी को प्रसव हेतु समर्पण हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। प्रसव के कुछ ही समय बाद उनके नवजात शिशु की मृत्यु हो गई। इस दुखद घटना से मर्महत महिला अधिकारी ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों की घोर लापरवाही व समय पर सही उपचार न मिलने के कारण उनके बच्चे की जान गई है। पीड़िता ने न्याय की मांग करते हुए इसकी सीधी शिकायत सदर एसडीएम से की।
Sasaram एसडीएम और डीएसपी ने खंगाले अस्पताल के दस्तावेज
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सदर एसडीएम डॉ. नेहा कुमारी और सदर डीएसपी (द्वितीय) कुमार वैभव दल-बल के साथ अस्पताल पहुँचे। अधिकारियों ने अस्पताल के पंजीकरण कागजात, उपलब्ध मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और ड्यूटी चार्ट का गहनता से निरीक्षण किया। छापेमारी के दौरान अस्पताल कर्मियों में अफरातफरी का माहौल रहा। प्रशासन यह जांच कर रहा है कि क्या अस्पताल के पास इस तरह के संवेदनशील ऑपरेशन्स के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर और आवश्यक जीवन रक्षक उपकरण मौजूद थे या नहीं।
Sasaram दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई, रद्द हो सकता है लाइसेंस
सदर डीएसपी कुमार वैभव ने स्पष्ट किया कि बच्चे की मौत के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, “अगर जांच में अस्पताल प्रबंधन की ओर से इलाज में कोताही या मेडिकल नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो अस्पताल के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।” फिलहाल इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में निजी क्लीनिकों की मनमानी को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है।





