Report: Vandna Rawat
Lucknow उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। राजधानी के योजना भवन स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने बहुगुणा जी के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया। उन्होंने कहा कि बहुगुणा जी का लंबा राजनीतिक जीवन और देश के प्रति उनका समर्पण वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक महान प्रेरणा है।
Lucknow स्वाधीनता संग्राम से लेकर मुख्यमंत्री पद तक का सफर
मुख्यमंत्री योगी ने उनके संघर्षों को याद करते हुए बताया कि 25 अप्रैल 1919 को तत्कालीन उत्तर प्रदेश (अब उत्तराखंड) के पौड़ी गढ़वाल में जन्मे बहुगुणा जी उच्च शिक्षा के लिए प्रयागराज आए थे। यहीं से उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई। 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में सक्रिय भागीदारी के कारण उन्हें ब्रिटिश हुकूमत की यातनाएं और जेल भी झेलनी पड़ी। आजादी के बाद 1952 के पहले आम चुनाव में वे पहली बार विधायक चुने गए और बाद में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण मंत्री के रूप में राष्ट्र की सेवा की।

Lucknow विकास के प्रति दूरदर्शी विजन और अमिट छाप
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास को लेकर हेमवती नंदन बहुगुणा का अपना एक स्पष्ट और दूरदर्शी विजन था। उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों और नीतिगत निर्णयों का प्रभाव आज भी प्रदेश की प्रगति में महसूस किया जा सकता है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एक प्रखर छात्र नेता से लेकर देश के एक कद्दावर राजनेता बनने तक, उन्होंने हर जिम्मेदारी को बड़ी कुशलता के साथ निभाया।
Lucknow गणमान्य विभूतियों ने किया नमन
जयंती समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल और विधायक नीरज बोरा सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बहुगुणा जी को एक ऐसा राजनेता बताया जिन्होंने अपनी सिद्धांतों वाली राजनीति से कभी समझौता नहीं किया। उनकी जनसेवा और प्रशासनिक क्षमता को याद करते हुए सभी ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।
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