Rail Madad App पर शिकायतों का अंबार, 6 महीनों में 5198 का समाधान नहीं

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रेल मदद ऐप शिकायतें

रेलवे द्वारा शुरू किया गया रेल मदद ऐप यात्रियों की सुविधाओं के लिए एक अहम कदम था, लेकिन अब इसे लेकर यात्रियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। रायपुर रेल मंडल में पिछले 6 महीनों में 8385 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 5198 शिकायतों का समाधान नहीं हो सका। इसने न केवल ऐप की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर चिंता भी बढ़ा दी है।


🔍 रेल मदद ऐप क्या है?

रेलवे ने यात्रियों की यात्रा के दौरान आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान करने के लिए ‘रेल मदद ऐप’ और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में Twitter) का सहारा लिया। इस ऐप के माध्यम से यात्री अपनी समस्याएं सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंचा सकते हैं।


🚉 किन समस्याओं की हो रही शिकायतें?

रोजाना औसतन 15 शिकायतें मिल रही हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • रिजर्व सीट पर दूसरे यात्री का कब्जा
  • ट्रेन या प्लेटफार्म पर मोबाइल और सामान छूटना
  • शौचालय में पानी की कमी
  • ट्रेनों में गंदगी और गंदे बेडरोल
  • मेडिकल इमरजेंसी में देरी
  • वेंडर द्वारा ओवरचार्जिंग
  • रेलवे कर्मचारियों द्वारा अभद्रता

❌ शिकायतों का समाधान क्यों नहीं हो रहा?

रेलवे अधिकारियों के अनुसार कई बार यात्रियों के मोबाइल नेटवर्क न होने, मोबाइल बंद रहने या सीट पर न मिलने के कारण शिकायतों से संपर्क नहीं हो पाता, जिससे शिकायत ‘कनेक्ट’ नहीं हो पाती

5198 में से अधिकांश शिकायतें तकनीकी कारणों या फील्ड में समय पर रिस्पॉन्स न मिलने की वजह से अधूरी रह गई हैं।


📊 6 महीने की रिपोर्ट कार्ड

माहकुल शिकायतेंसंतुष्टअसंतुष्टकनेक्ट नहीं हो सकीं
जनवरी127211944751
फरवरी147311067952
मार्च133611246800
अप्रैल142211364911
मई155912882954
जून132311684830

कुल शिकायतें: 8385
कनेक्ट नहीं हो सकीं: 5198
शिकायतकर्ताओं ने असंतोष जताया: 387


🛠️ शिकायत मिलते ही क्या होता है?

  • जैसे ही कोई यात्री ऐप या सोशल मीडिया पर शिकायत करता है, कंट्रोल रूम को वह तुरंत फॉरवर्ड की जाती है।
  • संबंधित विभाग के अधिकारी या TTE को सूचित किया जाता है।
  • जब तक समस्या हल नहीं होती, शिकायत बंद नहीं की जाती।
  • कई बार RPF या TTE मौके पर जाकर समाधान करते हैं।

🧑 रेलवे का क्या कहना है?

शिवप्रसाद, सीनियर पब्लिसिटी इंस्पेक्टर, रायपुर मंडल कहते हैं:

“रेलवे को मिलने वाली हर शिकायत का 100% समाधान करने का प्रयास किया जाता है। प्रतिदिन औसतन 15 शिकायतें आती हैं, जिन्हें संबंधित अधिकारियों को भेजकर हल कराया जाता है।”


📱 रेल मदद ऐप के फायदे और चुनौतियाँ

✔️ फायदे:

  • यात्रियों को शिकायत दर्ज करने के लिए सीधा प्लेटफॉर्म
  • कंट्रोल रूम द्वारा त्वरित रेस्पॉन्स
  • यात्रा के दौरान किसी भी असुविधा पर तुरंत प्रतिक्रिया

❌ चुनौतियाँ:

  • नेटवर्क की समस्या
  • शिकायतकर्ता से संपर्क न हो पाना
  • समाधान में देरी से यात्रियों की नाराजगी

🚀 भविष्य की राह: सुधार की ज़रूरत

रेलवे को रेल मदद ऐप की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए कुछ अहम कदम उठाने होंगे:

  • यात्रियों के लिए रियल टाइम अपडेट्स
  • शिकायत के समाधान की ट्रैकिंग सुविधा
  • फॉलो-अप कॉल और मैसेज सिस्टम
  • TTE और RPF की ट्रेनिंग और जिम्मेदारी तय करना

📌 निष्कर्ष

रेल मदद ऐप यात्रियों के लिए एक अच्छा प्रयास है, लेकिन समय पर कार्रवाई और फॉलो-अप की कमी से इसका उद्देश्य अधूरा रह जाता है। यदि रेलवे तकनीकी दिक्कतों और फील्ड रिस्पॉन्स में सुधार करे, तो यह ऐप यात्रा को और भी सुरक्षित और सुविधाजनक बना सकता है।

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