रिपोर्ट- गोलू
नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले से बड़ी खबर सामने आई है। सुरक्षाबलों के लगातार दबाव और सरकार की पुनर्वास नीति के चलते 16 माओवादी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्य धारा से जुड़ने का फैसला किया है।
घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में थे सक्रिय
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली लंबे समय से नक्सलियों के सैफ हाउस कहे जाने वाले लंका और डूंगा जैसे घोर नक्सल प्रभावित इलाकों में सक्रिय थे। इनके आत्मसमर्पण से सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है।
2025 में अब तक 164 नक्सली कर चुके आत्मसमर्पण
पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2025 में अब तक 164 बड़े और छोटे नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। सभी ने हथियार छोड़कर शांति और विकास की राह पर चलने का संकल्प लिया है।
सर्चिंग अभियान और सरकार की नीति का असर
लगातार चलाए जा रहे सर्चिंग अभियान और सरकार की पुनर्वास नीति के चलते नक्सलियों का आत्मसमर्पण बढ़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि शेष नक्सलियों को भी समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जा सके।





