एक बड़े सैन्य टकराव में इजरायल ने ईरान पर जबरदस्त हमला किया है। इस हमले में ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के चीफ हुसैन सलामी, साथ ही कई वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिकों और सैन्य अधिकारियों की मौत की खबर सामने आ रही है।
किन-किन लोगों की मौत हुई?
इस हमले में जिन प्रमुख हस्तियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, उनमें शामिल हैं:
- हुसैन सलामी – ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख
- सरदार रशीद – खतम अल अंबिया के प्रमुख
- डॉ. फ़ेरीडाउन अब्बासी – परमाणु वैज्ञानिक
- डॉ. तेहरांची – परमाणु वैज्ञानिक
- मोहम्मद बाघेरी – ईरानी सेना प्रमुख
इनके अलावा ईरानी सेना के कई उच्च अधिकारी और वैज्ञानिक भी हमले में मारे गए हैं।
किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घोषणा की है कि यह हमला ईरान के नतांज न्यूक्लियर प्लांट और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम के मुख्य केंद्रों पर केंद्रित था।
प्रमुख निशाने:
- नतांज न्यूक्लियर प्लांट
- परमाणु प्रोजेक्ट से जुड़े वैज्ञानिक
- बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम के मुख्य केंद्र
तेहरान समेत कई शहरों में विस्फोट
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजधानी तेहरान और उसके आसपास के इलाकों में जबरदस्त विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। बताया जा रहा है कि कई शहरों में भी इसी प्रकार के हमले हुए हैं, जिनका असर पूरे देश में देखा जा रहा है।
इजरायल में आपातकाल घोषित
इजरायल सरकार ने ईरान की संभावित जवाबी कार्रवाई को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी है। सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
अमेरिका को धन्यवाद
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम का दृढ़ता से सामना करने में अमेरिका की भूमिका निर्णायक रही है।
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क्या यह युद्ध की शुरुआत है?
ईरान और इजरायल के बीच इस तरह की सीधी सैन्य टकराव की घटनाएं मध्य पूर्व में तनाव के एक नए युग की शुरुआत का संकेत देती हैं। यह हमला न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित कर सकता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।





