Mohit Jain
ग्वालियर में जनगणना की टेस्टिंग इस बार कई नए प्रयोगों के साथ की जा रही है। अब घर-घर जाकर की जाने वाली हाउस लिस्टिंग में परिवारों की गिनती उनकी रसोई के आधार पर की जाएगी। यानी अगर एक ही बिल्डिंग में अलग-अलग रसोई हैं, तो हर रसोई को अलग मकान नंबर दिया जाएगा। वहीं, अगर किसी घर में दुकान चल रही है तो उसे गैर-आवासीय मानकर अलग मकान नंबर मिलेगा।
पायलट प्रोजेक्ट तीन जिलों में

यह पायलट प्रोजेक्ट 10 से 30 नवंबर तक ग्वालियर, रतलाम और सिवनी में चलेगा। पहले चरण के लिए सामग्री का वितरण बाल भवन से किया गया। चार्ज अधिकारी मुनीष सिंह सिकरवार के अनुसार, कार्य पूरा होने के बाद अनुभव के आधार पर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी और अप्रैल 2026 से अगला फाइनल चरण शुरू होगा।
कैसे होगी गणना
वार्ड 5 और 64 के करीब 61 हजार से अधिक लोग और 12,500 मकान इस प्रक्रिया में शामिल होंगे। पूरी गिनती मोबाइल एप से की जाएगी और हर मकान व क्षेत्र की जियो टैगिंग भी होगी।
कर्मचारी मकान का फर्श, छत, दीवारें, पानी का स्रोत, शौचालय का प्रकार, ईंधन, मोबाइल व वाहन जैसी जानकारी दर्ज करेंगे। किराएदारों से यह भी पूछा जाएगा कि क्या देश में कहीं और उनके नाम पर कोई मकान है।
जाति और परिवार संबंधी विवरण
अभी जाति के तीन ही विकल्प रखे गए हैं एससी, एसटी या अन्य। हर परिवार में महिला और पुरुषों की संख्या दर्ज की जाएगी।





