रिपोर्ट- लोकेश सिन्हा
पानी दूषित होने से फैली दहशत
गरियाबंद। जिले के सिकासेर डेम से बड़ी खबर सामने आई है। यहां हजारों मछलियां मरी हुई मिली हैं, जिससे डेम का पानी दूषित हो गया है। इस घटना ने आसपास के गांवों में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि लोग इसी डेम के पानी का उपयोग पीने और घरेलू कार्यों के लिए करते हैं।
ठेकेदार की लापरवाही से बढ़ा खतरा
जानकारी के अनुसार, सिकासेर डेम में मछली पालन करने वाले एक निजी ठेकेदार द्वारा लापरवाही पूर्वक मरी हुई मछलियों को डेम में ही फेंक दिया गया। इसके चलते पानी में सड़ांध फैल गई और डेम का पानी दूषित हो गया।
ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
डेम और इसके आसपास बसे गांवों के लोग प्रतिदिन पीने के लिए इसी पानी पर निर्भर हैं। पानी दूषित होने से ग्रामीणों में बीमारियों के फैलने की आशंका गहराने लगी है। स्थानीय लोग प्रशासन से त्वरित कार्रवाई और साफ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।
स्वास्थ्य और पर्यावरण पर खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि डेम में मरी मछलियां न केवल पानी को दूषित करती हैं, बल्कि इससे स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरे उत्पन्न हो सकते हैं। लंबे समय तक ऐसे पानी का उपयोग करने से जलजनित रोग फैल सकते हैं।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम सामने नहीं आया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है।





