Report: Avinash shrivastva
Rohtas डेहरी शहर के निवासियों के लिए राहत भरी खबर है। शहर की बिजली व्यवस्था को नई ताकत देने और बार-बार होने वाली ट्रिपिंग से निजात दिलाने के लिए नहर किनारे एक आधुनिक पावर सब स्टेशन (PSS) का निर्माण शुरू हो गया है। बीएसएनएल कार्यालय के समीप प्रस्तावित इस सब स्टेशन के लिए विधिवत भूमि पूजन किया गया, जिससे शहर की विद्युत आपूर्ति की सूरत बदलने वाली है।
Rohtas 10 MVA के दो ट्रांसफार्मर और 4 फीडर संभालेंगे लोड
नगर परिषद सभापति के प्रतिनिधि गुड्डू चंद्रवंशी और विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस नए सब स्टेशन में 10 MVA के दो शक्तिशाली ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे। अब तक शहर में केवल तीन फीडरों के माध्यम से आपूर्ति होती थी, लेकिन इस नई परियोजना के तहत बिजली को चार फीडरों में बांटा जाएगा। इससे लोड का संतुलन बेहतर होगा और तकनीकी खराबी के कारण होने वाली कटौती काफी कम हो जाएगी।
Rohtas इन प्रमुख इलाकों को होगा सीधा फायदा
लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस सब स्टेशन का लाभ शहर के लगभग हर प्रमुख हिस्से को मिलेगा। सहायक अभियंता दीपक कुमार के अनुसार, स्टेशन रोड, पाली रोड, नागा आश्रम, धनटोलिया, अंबेडकर चौक, जीटी रोड और न्यू एरिया जैसे घने इलाकों में इसके चालू होने के बाद वोल्टेज की समस्या और लो-वोल्टेज का संकट पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
Rohtas अतिक्रमण की चुनौती: प्रशासन को हटाने होंगे अवैध कब्जे
विकास की इस राह में ‘अतिक्रमण’ एक बड़ा रोड़ा बनकर सामने आया है। जिस सरकारी भूमि (सिंचाई विभाग की नहर किनारे) पर यह निर्माण होना है, वहां कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। अधिकारियों और विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इन कब्जों को नहीं हटाया, तो इस महत्वपूर्ण परियोजना की गति धीमी हो सकती है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
Rohtas साल के अंत तक लक्ष्य पूरा होने की उम्मीद
पश्चिम बंगाल की निर्माण कंपनी एनबील (NBIL) इस परियोजना पर काम कर रही है। विभाग का लक्ष्य है कि दिसंबर 2026 तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए, ताकि नए साल में शहरवासियों को निर्बाध बिजली की सौगात मिल सके। भूमि पूजन के दौरान स्थानीय सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने इस पहल का स्वागत किया है।
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