भानुप्रतापपुर, 14 मई 2025 — भानुप्रतापपुर में एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में विधायक सावित्री मंडावी और कांकेर कलेक्टर नीलेश महादेव क्षीरसागर के बीच निर्धारित मुलाकात नहीं हो सकी, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
विधायक सावित्री मंडावी भानुप्रतापपुर रेस्ट हाउस में कलेक्टर से मिलने के लिए अपने समर्थकों के साथ इंतजार कर रही थीं। कलेक्टर क्षीरसागर वहां पहुंचे, लेकिन विधायक से बिना मिले ही चले गए। इससे विधायक नाराज हो गईं और उन्होंने वहां मौजूद एसडीएम और तहसीलदार पर अपनी नाराजगी जाहिर की।
विधायक मंडावी क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन के मुद्दे पर कलेक्टर से चर्चा करना चाहती थीं, जिसके लिए पहले से सहमति बनी थी। कलेक्टर ने फोन पर बताया कि उन्होंने तहसीलदार के माध्यम से विधायक को संदेश भेजा था कि वे चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन समय की कमी के कारण वे अधिक देर नहीं रुक सके।
विधायक ने इस घटना को जनप्रतिनिधियों का अपमान बताते हुए कहा कि यदि एक आदिवासी महिला विधायक के साथ ऐसा व्यवहार होता है, तो आम नागरिकों के साथ क्या होता होगा। उन्होंने कलेक्टर के कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी है।
यह घटना प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
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