Report: Neha gupta
Bhojpur स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को गंदगी मुक्त करने का दावा पनवारी पंचायत में खोखला साबित हो रहा है। यहाँ लाखों रुपये खर्च कर बनाया गया कूड़ा प्रबंधन केंद्र पिछले कई महीनों से महज एक ‘शोपीस’ बनकर रह गया है। केंद्र के सक्रिय न होने से पूरा गांव कचरे के ढेर में तब्दील हो रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है।

Bhojpur लाखों की लागत, फिर भी आधा-अधूरा निर्माण
स्वच्छ भारत मिशन के तहत इस केंद्र का निर्माण इसलिए किया गया था ताकि गांव के कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण हो सके। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि यह केंद्र अभी तक आधा-अधूरा ही पड़ा है। न तो यहाँ कचरा संग्रहण (Collection) की कोई व्यवस्था शुरू हुई है और न ही कचरा पृथक्करण (Segregation) का काम हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बजट खर्च होने के बावजूद सुविधा का लाभ शून्य है।

Bhojpur सड़कों और आहरों में डंप हो रहा कचरा
केंद्र के बंद होने का खामियाजा गांव के पर्यावरण और स्वास्थ्य को भुगतना पड़ रहा है। घरों से निकलने वाला कचरा अब सड़कों, खाली मैदानों और जल स्रोतों (आहर) में फेंका जा रहा है। गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और पूरे इलाके में दुर्गंध फैली रहती है। नालियों का पानी सड़कों पर बहने से स्थिति और भी नारकीय हो गई है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है।

Bhojpur पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल, प्रशासन का आश्वासन
स्थानीय ग्रामीण धनजी यादव, अमरेन्द्र सिंह, विकास कुमार और अन्य ने बताया कि कई बार शिकायत के बावजूद पंचायत स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने इस बर्बादी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) कुंदन कुमार ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही केंद्र का संचालन शुरू कर साफ-सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा।





