रिपोर्ट- धर्मेद्र कुमार
गढ़वा जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। रंका थाना क्षेत्र के तमगेकला पंचायत अंतर्गत जोगीखुरा गांव में अंधविश्वास के चलते एक बेटे ने अपने ही पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या में उसका चचेरा भाई भी शामिल था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
अंधविश्वास ने ली जान
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक 65 वर्षीय सीताराम भुइया फुटबॉल मैच देखकर घर लौटे थे। रात में उनके माझिल बेटे प्रताप राम के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि प्रताप राम ने घर में रखी धारदार टांगी उठाई और चचेरे भाई के साथ मिलकर पिता पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर चोट लगने से सीताराम की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही रंका थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा भेज दिया। पुलिस ने आरोपी बेटे और चचेरे भाई को गिरफ्तार कर लिया है।
एसडीपीओ का बयान
रंका एसडीपीओ रोहित रंजन सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला अंधविश्वास से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। मृतक के बेटे और भतीजे ने डायन-भूत जैसी कुप्रथा के चलते इस घटना को अंजाम दिया।
अंधविश्वास मिटाने की मुहिम
एसडीपीओ ने आगे कहा कि गढ़वा पुलिस लगातार अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रही है। आने वाले दिनों में पुलिस हर गांव तक पहुंचेगी और लोगों को जागरूक करेगी ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों।





