राजिम।
फिंगेश्वर विकासखण्ड के लफंदी गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। इसको लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज कराई।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र लोगों को योजना का लाभ नहीं मिला, जबकि अपात्र लोगों के नाम पर फर्जी तरीके से आवास स्वीकृत किए गए हैं। शिकायत के केंद्र में रोजगार सहायिका दिलेश्वरी साहू हैं, जिन पर योजनाओं में गड़बड़ी करने और अपात्रों को लाभ दिलाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
ग्रामीणों की मांग है कि दिलेश्वरी साहू पर तत्काल कार्यवाही की जाए और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दी जाए। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की अनियमितताओं से गरीब और वास्तव में जरूरतमंद लोग योजना से वंचित हो रहे हैं।
जनदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कलेक्टर को लिखित में शिकायत सौंपी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का भरोसा दिलाया है।
मुख्य आरोप:
- पात्र हितग्राहियों को नजरअंदाज कर अपात्रों को आवास योजना का लाभ
- फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आवास स्वीकृत
- ग्राम पंचायत स्तर पर पारदर्शिता की कमी
यह मामला अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है, और सवाल उठ रहा है कि आखिर किसकी मिलीभगत से प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी जनकल्याणकारी योजना में इस तरह का भ्रष्टाचार हो रहा है?
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। अब प्रशासन पर जिम्मेदारी है कि वह इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे, ताकि ग्रामीणों का भरोसा शासन-प्रशासन पर बना रहे।





