EVM Tampering : सबूतों के अभाव में कोर्ट का फैसला, दोबारा जांच के निर्देश देने से किया इनकार
EVM Tampering : काँकेर से सांसद भोजराज नाग को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। ईवीएम मशीन से छेड़छाड़ के आरोप में दायर याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। यह याचिका तत्कालीन उम्मीदवार बीरेश ठाकुर द्वारा दायर की गई थी, जिसमें निर्वाचन रद्द करने की मांग की गई थी।

EVM Tampering : हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि जब तक किसी भी तरह के मौखिक या दस्तावेजी सबूत रिकॉर्ड पर प्रस्तुत नहीं किए जाते, तब तक ईवीएम मशीनों की दोबारा जांच के लिए कोई निर्देश जारी नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि केवल आरोपों के आधार पर ऐसी कार्रवाई संभव नहीं है।हालांकि, अदालत ने याचिकाकर्ता को राहत देते हुए यह छूट दी है कि वे ठोस दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत करने के बाद नई आवेदन दाखिल कर सकते हैं।
EVM Tampering : याचिकाकर्ता को नई अर्जी दाखिल करने की छूट, पहले पेश करने होंगे ठोस दस्तावेज
EVM Tampering : याचिका में आरोप लगाया गया था कि दूसरी रैंडमाइजेशन रिपोर्ट में वीवीपैट यूनिट और विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों गुंडरदेही (61), सिहावा (56), संजारी बालोद (59), डोंडी लोहारा (एसटी) (60) और केशकाल (82)के पोलिंग स्टेशनों के फॉर्म 17-सी में मशीन नंबरों में अंतर पाया गया है।फिलहाल, कोर्ट के इस फैसले से सांसद भोजराज नाग को बड़ी राहत मिली है और मामला अब दस्तावेजी साक्ष्यों पर निर्भर करेगा।
READ MORE : Power Cut Protest : भानुप्रतापपुर के केंवटी में बिजली संकट गहराया, व्यापारियों ने दी चक्काजाम की चेतावनी

