रिपोर्टर- लव दुबे
सूरजपुर जिले के ब्लॉक मुख्यालय ओड़गी से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित मयूरधक्की–पुतकी मार्ग की हालत बद से बदतर हो चुकी है। लगभग 7 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे और कीचड़ भर जाने से यह सड़क दलदल में बदल गई है। ग्रामीणों, विद्यार्थियों और मरीजों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आजादी के बाद भी सड़क सुविधा से वंचित ग्रामीण
इस मार्ग का उपयोग नगरापारा सहित आसपास के कई गांवों के लोग करते हैं। इलाके में करीब 250 से अधिक लोगों की आबादी निवास करती है। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के 75 साल बाद भी उन्हें सड़क जैसी बुनियादी सुविधा नसीब नहीं हुई है।
मरीजों के लिए बड़ी मुसीबत
बरसात में हालात और बिगड़ गए हैं। गड्ढों और कीचड़ के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर कोई बीमार हो जाए तो एंबुलेंस तक गांव में नहीं पहुंच पाती। ऐसे में मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता और कई बार इलाज के अभाव में जान तक चली जाती है।
अन्य मार्ग भी जर्जर
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि ब्लॉक मुख्यालय के दनौली चौक से लांजित रोड मुख्य मार्ग भी गड्ढों से भर गया है। लगातार लापरवाही से लोगों का जीवन जोखिम में पड़ गया है।
शासन-प्रशासन पर सवाल
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर कब तक उन्हें इस बदहाल सड़क का दंश झेलना पड़ेगा। क्या शासन-प्रशासन उनकी समस्या को प्राथमिकता देगा या फिर उन्हें इसी तरह परेशानियों का सामना करना पड़ेगा?





