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योगी सरकार ने महज 10 माह में 13 लाख से अधिक निर्धन परिवार को जीरो पावर्टी से जोड़ा

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BY: Yoganand Shrivastava

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लगातार मॉनीटरिंग का दिख रहा असर, 3 लाख 72 हजार परिवारों को दिया जा रहा अभियान का लाभ
  • सीएम योगी ने 15 अगस्त 2024 को जीरो पावर्टी अभियान शुरू करने की कही थी बात, 2 अक्टूबर को हुई थी घोषणा
  • अभियान के तहत प्रदेश भर में सबसे अधिक आज़मगढ़ में 42,082 निर्धन परिवार, जौनपुर में 39,374 परिवार और सीतापुर में 36,571 परिवार किये गये चिन्हित
  • वर्ष 2027 प्रदेश को गरीब मुक्त बनाने का है सीएम योगी का लक्ष्य

लखनऊ: योगी सरकार ने महज दस माह में प्रदेश के 13 लाख से अधिक निर्धनतम परिवार को गरीब से मुक्त करने के लिए जीरो पावर्टी अभियान के लिए चिन्हित किया है, जो योगी सरकार के गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में एक नई मिसाल बन गयी है। इतना ही नहीं सीएम योगी की मंशा के अनुरूप महज दस माह में 3 लाख 72 हजार से अधिक परिवारों को अभियान का लाभ प्रदान किया जा चुका है। योगी सरकार की यह उपलब्धि गरीब कल्याण के संकल्प को दर्शाती है। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 अगस्त-24 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने भाषण में ‘जीरो पावर्टी अभियान’ का जिक्र किया था। उन्हाेंने कहा कि अभियान के तहत प्रदेश के ऐसे परिवारों की पहचान कर उन्हें गरीबी की रेखा से ऊपर लाना है, जो अब भी बुनियादी जरूरतों और सामाजिक सुरक्षा से वंचित हैं। अभियान के तहत हर ग्राम पंचायत से 25 निर्धनतम परिवार को चिन्हित करने का लक्ष्य रखा गया था। ऐसे में अभियान के जरिये प्रत्येक चिन्हित परिवार को बहुआयामी सहायता प्रदान की जा रही है, जिसमें रोजगार, आजीविका, आवास, स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की सुनिश्चितता शामिल है।

महज दस माह में 13,32,634 परिवारों को किया गया चिन्हित
जीरो पावर्टी अभियान के तहत अगस्त-25 तक प्रदेश में 13,32,634 परिवारों की पहचान की जा चुकी है। इनमें से 3,72,000 परिवारों को योजना का लाभ भी दिया गया है। अभियान के तहत सबसे अधिक निर्धन परिवारों की पहचान आज़मगढ़ में हुई, जहां 42,082 परिवार चिन्हित किए गए। इसके बाद जौनपुर में 39,374 परिवार, सीतापुर में 36,571 परिवार, हरदोई में 30,050 परिवार और प्रयागराज में 28,935 परिवार चिन्हित किये गये। ऐसे में अभियान में निर्धन परिवारों को चिन्हित करने में आजमगढ़ पहले, जाैनपुर दूसरे, सीतापुर तीसरे, हरदोई चौथे और प्रयागराज पांचवें स्थान पर है। इन जिलों में चलाए गए विशेष अभियान, पंचायतों और स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से अधिक से अधिक परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न मंचों से कहा है कि योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन-स्तर सुधारना है। हमारा लक्ष्य केवल गरीबी कम करना नहीं, बल्कि इसे समाप्त करना है। जीरो पावर्टी अभियान उत्तर प्रदेश को गरीबी-मुक्त बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। यह गरीब परिवारों के जीवन में स्थायी परिवर्तन लाने का प्रयास है, जिसमें समाज के सभी वर्गों की भागीदारी देखने को मिल रही है। सीएम योगी वर्ष 2027 तक प्रदेश को गरीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है।

डेटा आधारित ट्रैकिंग और नियमित निगरानी का दिख रहा असर
जीरो पावर्टी अभियान के तहत चिन्हित परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। इनमें प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर, जल जीवन मिशन के तहत नल से जल, उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस कनेक्शन, आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा, रोजगार की गारंटी समेत विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। साथ ही बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। योगी सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में चिन्हित सभी परिवारों को 100 प्रतिशत लाभान्वित किया जाए। इसके लिए डेटा-आधारित ट्रैकिंग, नियमित निगरानी और ज़मीनी स्तर पर पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जा रही है।

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