जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित वैष्णो देवी धाम में मंगलवार को हुए लैंडस्लाइड हादसे ने पूरे देश को दहला दिया है। अर्धकुमारी मंदिर के पास हुई इस घटना में अब तक 31 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन प्रशासन ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
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हादसा कैसे हुआ?
- मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे अर्धकुमारी मंदिर से कुछ दूरी पर इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास अचानक भूस्खलन हुआ।
- भारी बारिश की वजह से बड़े पत्थर और मलबा ट्रैक पर गिर गए।
- इस हादसे में कई श्रद्धालु दब गए, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
बारिश से बिगड़े हालात, यात्रा स्थगित
- जम्मू में 24 घंटे से भी कम समय में 250 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।
- भारी बारिश के कारण वैष्णो देवी यात्रा फिलहाल रोक दी गई है।
- नॉर्दर्न रेलवे ने 22 ट्रेनें रद्द कर दी हैं और 27 को शॉर्ट टर्मिनेट किया है।
- कटरा से श्रीनगर के बीच ट्रेन सेवा अभी भी जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती
हादसे से बचे श्रद्धालुओं ने जो देखा, वह दिल दहला देने वाला है:
- एक श्रद्धालु: “मेरे बच्चे और पत्नी आगे थे, तभी अचानक चट्टान गिरी। अब उनका कुछ पता नहीं। सबकुछ पलों में खत्म हो गया।”
- दूसरे यात्री: “मैं पीछे था और मेरे आगे करीब 100 लोग थे। मेरे साथ आए 6 लोग अभी तक लापता हैं।”
- एक महिला: “मैं और पति तो बच गए, लेकिन मेरे तीनों बच्चे मलबे में दब गए। सबकुछ इतनी तेजी से हुआ कि संभलने का मौका ही नहीं मिला।”
- किरण (मोहाली से): “मैं दर्शन कर वापस आ रही थी, तभी पत्थर गिरने लगे। मैं घायल हो गई लेकिन बच गई, जबकि मेरे साथ आई तीन महिलाएं घायल हो गईं।”
रेस्क्यू ऑपरेशन की ताजा स्थिति
- हादसे के बाद रेस्क्यू टीमों ने मलबा हटाना शुरू कर दिया है।
- ट्रैक पर बने टिनशेड और रेलिंग क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
- पहाड़ से गिरे बड़े पत्थरों को हटाने का काम लगातार जारी है।
- अब तक कई श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला गया है, लेकिन चुनौती अभी भी बनी हुई है।
जम्मू में बारिश से तबाही
- मंगलवार को सिर्फ 6 घंटे में 22 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो अब तक की सबसे ज्यादा है।
- झेलम नदी का जलस्तर बढ़ने पर दक्षिण कश्मीर में बाढ़ अलर्ट जारी कर दिया गया है।
- जम्मू, सांबा, अखनूर, कठुआ, उधमपुर समेत कई इलाके प्रभावित हैं।
3500 लोगों का रेस्क्यू
- अब तक केवल जम्मू जिले से ही 3500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
- प्रशासन ने कई राहत शिविर और रिलीफ कैंप बनाए हैं।
- सेना ने इलाके को तीन हिस्सों में बांटकर बचाव कार्य शुरू किया है –
- एक टीम अर्धकुमारी में
- दूसरी कटरा-ठक्कड़ कोट रोड पर
- और तीसरी जौरियन में काम कर रही है।
वैष्णो देवी लैंडस्लाइड हादसा श्रद्धालुओं के लिए एक गहरी त्रासदी है। भारी बारिश और भूस्खलन ने न केवल यात्रा मार्ग को बाधित कर दिया है बल्कि कई परिवारों को भी तबाह कर दिया है। प्रशासन और सेना लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है, लेकिन हालात गंभीर बने हुए हैं।





