Report: Ram Yadav
Vidisha बरेली (रायसेन) के रहने वाले करण कुशवाह और सिरोंज (विदिशा) की शिवानी अहिरवार ने सामाजिक बंधनों को तोड़कर अंतरजातीय विवाह किया था। लेकिन अब उन्हें सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए प्रशासनिक भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ रहा है। दंपत्ति ने आदिम जाति कल्याण विभाग के एक कर्मचारी पर 20 हजार रुपये रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया है।
Vidisha एक साल से काट रहे दफ्तरों के चक्कर
करण और शिवानी वर्तमान में भोपाल में रह रहे हैं। उन्होंने अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक मदद के लिए आवेदन किया था। विवाह को एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन बार-बार विभाग के चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें शासन की ओर से मिलने वाली सहायता राशि प्राप्त नहीं हुई है।
Vidisha कर्मचारी पर रिश्वत मांगने का आरोप
दंपत्ति का आरोप है कि आदिम जाति कल्याण विभाग में पदस्थ कर्मचारी सुरेश ने योजना की राशि स्वीकृत करने के बदले में उनसे 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी है। पैसे न देने पर उनकी फाइल को लंबे समय से अटका कर रखा गया है। भ्रष्टाचार से तंग आकर आज इस जोड़े ने विदिशा कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
Vidisha योजना का उद्देश्य और भ्रष्टाचार की बाधा
शासन द्वारा अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देने और सामाजिक समरसता के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाती है। लेकिन इस मामले ने यह उजागर किया है कि कैसे जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार इन कल्याणकारी योजनाओं के उद्देश्य को विफल कर रहा है।
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