ग्वालियर के जेएएच में इस बार जून-जुलाई की भारी बारिश और अगस्त की अचानक गर्मी के चलते मौसम में बदलाव हुआ। इसी वजह से मौसमी बीमारियों जैसे वायरल फीवर, निमोनिया और डायरिया के मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई। अस्पताल की ओपीडी में पिछले तीन दिनों में कुल 11,861 मरीज इलाज के लिए आए।
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1. मेडिसिन ओपीडी में सबसे अधिक भीड़
- इन मरीजों में सबसे ज्यादा 2,309 मरीज मेडिसिन ओपीडी में दिखाए गए।
- सामान्य दिनों में मेडिसिन ओपीडी में लगभग 500 मरीज आते थे।
- पिछले तीन दिनों में यह संख्या बढ़कर 826 मरीज प्रतिदिन हो गई।
यह पहली बार है कि जेएएच में 24 घंटे में 499 मरीज भर्ती हुए।
2. वायरल संक्रमण और मौसमी बीमारियां
- डॉक्टरों के अनुसार, मेडिसिन ओपीडी में 60% मरीज वायरल संक्रमण से प्रभावित हैं।
- इनमें से लगभग 15% मरीजों को निमोनिया और डायरिया के कारण भर्ती करना पड़ा।
- मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण वायरल फीवर के मरीजों में कमजोरी और तेज बुखार की शिकायत सामान्य हो गई है।
3. मौसम का प्रभाव और बीमारियों की बढ़ती संख्या
मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. अजय पाल सिंह का कहना है कि इस बार अत्यधिक बारिश और अचानक गर्मी ने मौसमी बीमारियों को बढ़ावा दिया है।
- वायरल फीवर, निमोनिया और डायरिया के मामलों में वृद्धि हुई।
- मरीजों में पहले वायरल संक्रमण के लक्षण दिखते हैं, बाद में निमोनिया और डायरिया की समस्याएं सामने आती हैं।
- बीमारियों के बढ़ने की मुख्य वजह मौसम में तेज बदलाव और अत्यधिक नमी है।
4. अस्पताल में तैयारियों की जरूरत
- ओपीडी और मेडिसिन विभाग में अत्यधिक मरीज आने के कारण बेड की कमी महसूस हो रही है।
- डॉक्टर और स्टाफ लगातार मरीजों का इलाज करने में लगे हैं।
- स्वास्थ्य विभाग को मौसम के बदलाव के समय अत्यधिक सावधानी और तैयारी करने की सलाह दी गई है।
जेएएच में पिछले तीन दिनों में रिकॉर्ड मरीज आने से यह स्पष्ट हुआ है कि मौसम के अचानक बदलाव के समय मौसमी बीमारियों की संख्या तेजी से बढ़ती है। लोगों को इस दौरान स्वच्छता, सही आहार और समय पर इलाज लेने की आवश्यकता है।




