BY: MOHIT JAIN
18 अगस्त 2008, यह दिन भारतीय क्रिकेट और लाखों क्रिकेट फैंस के लिए हमेशा खास रहेगा। इसी दिन विराट कोहली ने दांबुला (श्रीलंका) में अपनी 18 नंबर की जर्सी पहनकर इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा।
हालांकि, डेब्यू मैच में उनका प्रदर्शन साधारण रहा, लेकिन यह शुरुआत थी उस सफर की जिसने उन्हें दुनिया का “किंग कोहली” बना दिया।
डेब्यू मैच में कोहली का प्रदर्शन
अपने पहले वनडे में विराट ने गौतम गंभीर के साथ ओपनिंग की।
- उन्होंने 22 गेंदों पर 12 रन बनाए।
- एक चौका लगाया, लेकिन नुवान कुलशेखरा की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए।
- उस मैच में भारतीय टीम मात्र 146 रन पर सिमट गई और श्रीलंका ने आसानी से जीत हासिल की।
यह पारी छोटी जरूर थी, लेकिन इसी दिन से क्रिकेट ने पाया एक ऐसा सितारा जिसने आने वाले सालों में रिकॉर्ड दर रिकॉर्ड तोड़े।
वनडे में विराट कोहली का शानदार करियर
आज तक विराट कोहली ने 302 वनडे मैच खेले हैं और उनके आंकड़े किसी भी बल्लेबाज के लिए प्रेरणा हैं:
- रन: 14,181
- औसत: 57.88
- शतक: 51 (वनडे में सबसे ज्यादा शतक)
- अर्धशतक: 74
- सर्वाधिक स्कोर: 183 रन (पाकिस्तान के खिलाफ, 2012)
इन आंकड़ों ने ही उन्हें “वनडे का किंग” बना दिया।
विराट कोहली की वनडे उपलब्धियां
विराट के करियर में कई मील के पत्थर हैं:
- 2011 वर्ल्ड कप विजेता टीम का हिस्सा
- 2013 और 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी विजेता टीम के सदस्य
- 2023 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट (765 रन)
- वनडे क्रिकेट में सबसे तेज़ 8,000 से 14,000 रन तक पहुंचने का रिकॉर्ड
कोहली ने वनडे क्रिकेट में न केवल सचिन तेंदुलकर के शतकों का रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि दुनिया को दिखाया कि निरंतरता और जुनून से क्या हासिल किया जा सकता है।
‘किंग कोहली’ क्यों कहलाते हैं विराट?
विराट कोहली का नाम सिर्फ रिकॉर्ड्स की वजह से नहीं गूंजता, बल्कि उनके जज्बे, फिटनेस और खेल के प्रति समर्पण ने उन्हें “किंग” बनाया है।
18 अगस्त 2008 से शुरू हुआ यह सफर आज भी जारी है और फैंस को यकीन है कि आने वाले सालों में कोहली और भी ऊंचाइयां छुएंगे।
18 नंबर की जर्सी से शुरू हुआ विराट कोहली का सफर आज क्रिकेट इतिहास का हिस्सा है। 17 साल बाद भी उनका जुनून और क्लास उन्हें वनडे क्रिकेट का बादशाह बनाता है।





