BY: Yoganand Shrivastva
अमेरिका के लॉस एंजिलिस में एक 70 वर्षीय सिख बुजुर्ग पर हुए भीषण हमले ने सिख समुदाय और स्थानीय समाज को झकझोर दिया है। पीड़ित का नाम हरपाल सिंह है, जिन्हें 4 अगस्त को शहर के एक गुरुद्वारे के पास टहलते समय एक व्यक्ति ने बेरहमी से पीटा। इस हमले में उनकी खोपड़ी की हड्डी टूट गई और मस्तिष्क में गंभीर चोटें आईं।
हमलावर की गिरफ्तारी
लॉस एंजिलिस पुलिस विभाग ने बताया कि 44 वर्षीय बेघर व्यक्ति बो रिचर्ड विटाग्लियानो को घटना के कुछ दिनों बाद गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर घातक हथियार से हमला करने का आरोप लगाया गया है और उसकी जमानत राशि 11 लाख अमेरिकी डॉलर तय की गई है।
घृणा अपराध की जांच पर विवाद
सिख अधिकार समूह ‘द सिख कोलिशन’ ने पुलिस की जांच पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस घटना को घृणा अपराध के रूप में दर्ज नहीं किया जा रहा है, जबकि पीड़ित को गंभीर और जानलेवा चोटें आई हैं। संगठन का कहना है कि इस मामले की प्रकृति और पीड़ित की पहचान को देखते हुए घृणा अपराध की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
घटना कैसे हुई?
पुलिस के मुताबिक, 4 अगस्त को अधिकारियों को रेडियो पर सूचना मिली कि एक व्यक्ति पर घातक हथियार से हमला हुआ है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि सिंह और विटाग्लियानो के बीच किसी कारणवश झगड़ा हुआ, जिसके बाद दोनों ने एक-दूसरे पर धातु की वस्तुएं फेंकीं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उन्होंने झगड़े की शुरुआत नहीं देखी, लेकिन जोरदार आवाज सुनकर बाहर आए और देखा कि दोनों के बीच हाथापाई चल रही है। स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद आरोपी साइकिल लेकर मौके से भाग गया।
पीड़ित की स्थिति और परिवार की प्रतिक्रिया
लॉस एंजिलिस फायर डिपार्टमेंट की मेडिकल टीम ने तुरंत हरपाल सिंह को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनके सिर की हड्डी टूटने और गंभीर मस्तिष्क चोट की पुष्टि की। फिलहाल उनकी हालत गंभीर है और वे चिकित्सकों की निगरानी में हैं।
हरपाल सिंह के भाई डॉ. गुरदयाल सिंह रंधावा ने कहा,
“हम आभारी हैं कि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया, लेकिन हमें यह समझने की जरूरत है कि इस घटना को घृणा अपराध के रूप में क्यों नहीं देखा जा रहा है। न्याय अवश्य होना चाहिए।”





