BY: Yoganand Shrivastva
जम्मू-कश्मीर | जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ एक और बड़ा ऑपरेशन अंजाम तक पहुंचा। भारतीय सेना ने श्रीनगर के बाहरी जंगलों में ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत उस आतंकी मॉड्यूल को समाप्त कर दिया, जो हाल ही में हुए पहलगाम हमले का जिम्मेदार था। इस अभियान में तीन खूंखार आतंकियों को मार गिराया गया, जिनमें सबसे खतरनाक नाम था – सुलेमान उर्फ फैसल जट्ट।
ऑपरेशन की शुरुआत कैसे हुई?
भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस को एक सैटेलाइट फोन के जरिए अहम सुराग मिला। यह फोन वही था, जो पहलगाम हमले के दौरान इस्तेमाल किया गया था। इस तकनीकी जानकारी के आधार पर सुरक्षाबलों ने जंगलों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जिसे ‘ऑपरेशन महादेव’ नाम दिया गया। इसी अभियान के दौरान सुलेमान समेत तीन आतंकियों को मार गिराया गया।
मारे गए आतंकियों की पहचान
गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में जानकारी दी कि मुठभेड़ में मारे गए तीनों आतंकियों की पहचान हो चुकी है। ये तीनों वही थे, जिन्होंने पहलगाम में निर्दोष नागरिकों की हत्या की थी। जब उनके शव श्रीनगर लाए गए, तब एफएसएल रिपोर्ट से उनकी राइफलों और कारतूसों का मिलान किया गया, जिससे उनकी संलिप्तता की पुष्टि हुई।
मारे गए तीनों आतंकी:
- सुलेमान उर्फ फैसल जट्ट – लश्कर-ए-तैयबा का सक्रिय सदस्य, पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड।
- हमजा अफगानी – ग्रेड ‘A’ का आतंकवादी, पाकिस्तान से प्रशिक्षित।
- जिब्रान – ग्रेड ‘A’ कैटेगरी का आतंकी, हमले के कार्यान्वयन में मुख्य भूमिका में था।
मुठभेड़ में क्या मिला?
सेना ने जिस स्थान पर ऑपरेशन को अंजाम दिया, वहां से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए। इनमें एक M4 कार्बाइन, दो AK-राइफलें, कारतूस और अन्य युद्ध सामग्री शामिल हैं। इससे पता चलता है कि ये आतंकी किसी बड़े हमले की योजना बना रहे थे।
कितना खतरनाक था सुलेमान?
सुलेमान को आतंकी संगठनों ने पाकिस्तान में विशेष ट्रेनिंग दी थी। वह छिपने, जंगलों में जीवित रहने और अर्धसैनिक बलों से बचने की तकनीकों में माहिर था। उसकी ट्रेनिंग खत्म होने के बाद उसे लश्कर-ए-तैयबा ने सक्रिय ऑपरेशन के लिए जम्मू-कश्मीर भेजा था। पहलगाम हमले के अलावा भी वह कई आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों के लिए वह लंबे समय तक एक रहस्य बना रहा।
सुरक्षा बलों की बड़ी जीत
यह ऑपरेशन सिर्फ आतंकियों के खात्मे तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे एक बड़ा संदेश गया है कि भारतीय सुरक्षा बल आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए हर स्तर पर चौकस हैं। पहलगाम जैसे हमले का बदला इतनी जल्दी और निर्णायक रूप में लेना, सुरक्षा व्यवस्था की ताकत और मुस्तैदी को दर्शाता है।





