BY: Yoganand Shrivastva
गाजा, गाजा में इजराइल और हमास के बीच जारी लंबे संघर्ष का असर अब सीधे नागरिकों की जिंदगी पर पड़ रहा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि बीते 22 महीनों में भूख से 124 लोगों की जान चली गई है, जिनमें 81 मासूम बच्चे शामिल हैं।
जुलाई में मौतों में इजाफा
सिर्फ जुलाई महीने में 40 लोगों की मौत भूख से हुई है, इनमें 16 बच्चे शामिल हैं। स्थानीय राहत एजेंसियों का कहना है कि राहत सामग्री और भोजन की आपूर्ति लगभग बंद हो चुकी है। जो भी खाना बचा है, वह आम लोगों की पहुंच से बाहर है।
भोजन के दाम आसमान पर
गाजा में सामान्य चीजों की कीमतें बेतहाशा बढ़ गई हैं। एक बिस्किट का पैकेट 750 रुपए में बिक रहा है। कई परिवार तो सिर्फ नमक और पानी के सहारे दिन गुजारने को मजबूर हैं। हालात इतने खराब हैं कि भूख से बेहाल बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय मदद की सख्त जरूरत
मानवाधिकार संगठनों और यूनाइटेड नेशंस ने गाजा में तेजी से बिगड़ते हालात पर चिंता जताई है। उन्होंने तत्काल मानवीय सहायता पहुंचाने और युद्धविराम की अपील की है।
स्थानीय लोगों की आपबीती
एक स्थानीय निवासी का कहना है, “हम बच्चों को भूख से तड़पता नहीं देख सकते, लेकिन कुछ कर भी नहीं सकते। हर रोज़ मौत सामने दिख रही है।” गाजा के अस्पतालों में दवाइयों की भी भारी कमी है, जिससे हालत और गंभीर हो चुकी है।





