BY: Yoganand Shrivastva
साउथ फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री बी. सरोजा देवी का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्होंने आज सुबह अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से भारतीय फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
बी. सरोजा देवी दशकों तक दक्षिण भारतीय सिनेमा में अपनी सादगी, अभिनय और खूबसूरती के लिए पहचानी जाती रहीं। उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और हिंदी फिल्मों में लंबे समय तक काम किया और 1960–70 के दशक में सुपरस्टार के रूप में अपनी पहचान बनाई थी।
एक चमकता सितारा अस्त हुआ
बी. सरोजा देवी ने महज 17 साल की उम्र में फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। वह राजकुमार, एम. जी. रामचंद्रन, एन. टी. रामाराव और दिलीप कुमार जैसे दिग्गज अभिनेताओं की सह-कलाकार रही हैं। उनकी सबसे यादगार फिल्मों में विदाथी पोन्नु, कांचनमाला, हरियाली और रास्ता, भगीरथी, और सास भी कभी बहू थी जैसी फिल्में शामिल हैं।
मिला था पद्म भूषण
बी. सरोजा देवी को उनकी शानदार फिल्मी यात्रा के लिए भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा गया था। उन्हें “अभिनय सारस्वती” की उपाधि भी दी गई थी, जो उनके अभिनय कौशल को दर्शाती है।
निजी जीवन
उन्होंने अपने फिल्मी करियर के चरम पर रहते हुए हनुमंत राव से शादी की थी। पति की मृत्यु के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन से दूरी बना ली थी और समाज सेवा व सांस्कृतिक आयोजनों से जुड़ी रहीं।
फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर
बी. सरोजा देवी के निधन की खबर मिलते ही सोशल मीडिया पर फिल्मी सितारे, निर्देशक और उनके प्रशंसक उन्हें श्रद्धांजलि देने लगे। कर्नाटक और तमिलनाडु के नेताओं ने भी उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है।
एक युग का अंत
बी. सरोजा देवी केवल एक अभिनेत्री नहीं थीं, बल्कि एक संस्था थीं जिन्होंने भारतीय सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।





