क्या पाकिस्तानी सेना इसके पीछे है ?
BY: VIJAY NANDAN
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह चौंकाने वाली है। सोशल मीडिया पर उनकी मौत की खबर वायरल हो रही है। सवाल उठता है कि आखिर ये अफवाह फैला कौन रहा है, क्यों फैला रहा है और क्या इसके पीछे पाकिस्तानी सेना का हाथ है? खास बात ये भी है कि भारत-पाकिस्तान के बीच मौजूदा तनाव के माहौल में इमरान खान का नाम अचानक ट्रेंडिंग में क्यों है?

1. इमरान खान की मौत की अफवाह कैसे फैली?
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर इमरान खान की मौत को लेकर अफवाहें तेजी से फैल रही हैं। कुछ फर्जी अकाउंट्स और विदेशी वेबसाइट्स पर इस तरह की झूठी खबरें डाली गईं। हालांकि, पाकिस्तान सरकार या जेल प्रशासन की ओर से ऐसी किसी भी सूचना की पुष्टि नहीं की गई है।
2. क्या पाकिस्तानी सेना है इस साजिश के पीछे?
यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि इमरान खान और पाकिस्तान की सेना के बीच तनाव लंबे समय से जारी है। इमरान खुले मंच से ISI और मिलिट्री एस्टेब्लिशमेंट पर आरोप लगाते रहे हैं। उनकी लोकप्रियता अब भी बनी हुई है, जो सेना के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकती है।
3. समर्थकों की सक्रियता और जेल प्रदर्शन
कुछ दिनों पहले इमरान खान के समर्थकों ने जेल के बाहर प्रदर्शन किया और उनकी रिहाई की मांग की। अचानक फैली मौत की अफवाह से समर्थकों में गुस्सा और डर दोनों बढ़े हैं। क्या यह रणनीति उनके समर्थकों को भड़काने या भ्रमित करने की कोशिश है?
4. भारत-पाक तनाव के बीच इमरान खान का ट्रेंडिंग में आना क्या दर्शाता है?
ऐसे समय में जब भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर से लेकर सिंध तक सैन्य गतिविधियां तेज़ हैं और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी बड़ी कार्रवाई हो चुकी है, उस वक्त इमरान खान की मौत की अफवाह पाकिस्तान की राजनीति में अंदरूनी हलचल और ताकतों की टकराव का संकेत देती है।
5. क्या सेना ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है?
विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान की सेना भारत के दबाव और आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई के बाद बैकफुट पर है। ऐसे में इमरान खान से जुड़ी अफवाहें फैला कर जनता और अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान मौजूदा सैन्य और कूटनीतिक दबावों से हटाने की साजिश भी हो सकती है।
इमरान खान की मौत की अफवाह न सिर्फ उनके समर्थकों को भ्रमित करती है, बल्कि यह पाकिस्तानी राजनीति के भीतर चल रही खींचतान और सेना की भूमिका पर भी सवाल खड़े करती है। भारत-पाक तनाव के बीच इस तरह की अफवाहें न सिर्फ संवेदनशील माहौल को और भड़काती हैं, बल्कि ये संकेत भी देती हैं कि पाकिस्तान के अंदर सत्ता के लिए संघर्ष अपने चरम पर है।





