BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली | विशेष रिपोर्ट: गुरुवार और शुक्रवार की रात पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ एक बड़ा हवाई हमला करने की कोशिश की, जिसमें उसने तुर्की निर्मित ड्रोन और भारी गोलीबारी का सहारा लिया। भारतीय सेना ने इस दुस्साहसिक कार्रवाई को करारा जवाब देते हुए अधिकतर हमलों को विफल कर दिया। हालांकि, इस संघर्ष में भारत को कुछ सैन्य क्षति भी उठानी पड़ी है।
36 स्थानों पर हमला करने की कोशिश
भारतीय सेना के मुताबिक, पाकिस्तान ने एक साथ 36 जगहों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। इस हमले में लगभग 300 से 400 ड्रोन शामिल थे, जिनमें से कई ड्रोन को भारतीय वायुसेना और थलसेना ने मार गिराया। इन ड्रोन के मलबे की जांच की जा रही है और शुरुआती जानकारी से पता चला है कि ये ड्रोन तुर्की में बने “असिसगार्ड सोंगर” मॉडल हैं।
सेना ने बताया कि बठिंडा एयर स्टेशन समेत कई सैन्य प्रतिष्ठानों पर निशाना साधने की कोशिश की गई। इसके अलावा, नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारी कैलिबर के हथियारों से पाकिस्तान ने गोलीबारी की।
गुरुद्वारे को भी बनाया गया निशाना
भारतीय सेना के अनुसार, पाकिस्तान ने धार्मिक स्थलों को भी नहीं छोड़ा और नानकम साहिब गुरुद्वारे को टारगेट करने का प्रयास किया। यह कदम न केवल युद्ध के नियमों का उल्लंघन है बल्कि धार्मिक भावना को आहत करने की एक साज़िश भी प्रतीत होता है।
पाकिस्तान का फर्जी प्रोपेगेंडा
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रेस वार्ता में पाकिस्तान पर गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान झूठे दावों के ज़रिए यह साबित करने की कोशिश कर रहा है कि भारत खुद ही अपने शहरों पर हमला कर रहा है। यह सरासर झूठ है। पाकिस्तान की यह आदत रही है कि वह सच्चाई को छिपाकर झूठ को फैलाता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान का दावा कि भारत ने अमृतसर जैसे अपने ही शहरों पर ड्रोन से हमला किया, पूरी तरह से निराधार और हास्यास्पद है। यह एक सोची-समझी रणनीति है जिसके ज़रिए पाकिस्तान भारत के खिलाफ सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहा है।
भारतीय सेना की सतर्कता ने बचाई कई जानें
सेना की संयुक्त कार्रवाई और एयर डिफेंस सिस्टम की मुस्तैदी की बदौलत भारत ने इन हमलों को ज़्यादातर हद तक नाकाम किया। सेना ने स्पष्ट किया कि ऐसी किसी भी हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए वह पूरी तरह से तैयार है।





