,

‘क्या ये हत्यारे मुसलमान हैं? नहीं…’ — पहलगाम हमले पर बोले सलीम मर्चेंट, इस्लाम और कुरान की सीख का दिया हवाला

BY: Yoganand Shrivastva

हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में शोक और आक्रोश का माहौल है। इस दर्दनाक घटना की बॉलीवुड से लेकर आम लोगों तक ने निंदा की है। इसी कड़ी में मशहूर म्यूजिक कंपोजर और सिंगर सलीम मर्चेंट ने भी अपनी भावनाएं साझा करते हुए एक लंबा वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। उन्होंने न सिर्फ इस आतंकी हमले की आलोचना की, बल्कि इस्लाम और कुरान की मूल शिक्षाओं पर भी प्रकाश डाला।

‘इस्लाम कतई हिंसा की इजाजत नहीं देता’ — सलीम मर्चेंट

सलीम मर्चेंट ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर बुधवार रात एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने पहलगाम में हिंदू श्रद्धालुओं पर हुए हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा,
“क्या वे हत्यारे मुसलमान हैं? नहीं, वे सिर्फ और सिर्फ आतंकवादी हैं। इस्लाम किसी भी निर्दोष की हत्या की इजाजत नहीं देता।”

उन्होंने कुरान की सूरह अल-बकरा, आयत 256 का हवाला देते हुए कहा कि इसमें साफ लिखा है — ‘दीन के मामले में कोई जबरदस्ती नहीं है।’ सलीम ने बताया कि एक मुस्लिम होने के नाते उन्हें शर्मिंदगी महसूस हो रही है कि उनके हिंदू भाइयों और बहनों को केवल उनके धर्म की वजह से निशाना बनाया गया।

मृतकों के लिए की प्रार्थना

वीडियो में भावुक होते हुए सलीम ने आगे कहा,
“मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि जो लोग मारे गए, उन्हें शांति मिले और उनके परिवारों को ताकत और साहस मिले। ओम शांति।”
उन्होंने कहा कि कश्मीर में कुछ सालों से जो शांति बनी हुई थी, अब फिर से वह डर और अस्थिरता की ओर लौट रही है।

पहले भी जताया था शोक

इस वीडियो से पहले भी सलीम ने बुधवार सुबह एक इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा था,
“ऐसा कोई न्याय नहीं है, जो इन परिवारों के दुख को मिटा सके। हम उन मासूमों के लिए शोक मना रहे हैं, जिन्हें हमने खो दिया और उन परिवारों के लिए भी जिनका जीवन हमेशा के लिए बदल गया।”

सोशल मीडिया पर मिल रहा समर्थन

सलीम मर्चेंट की इस स्पष्ट और साहसी प्रतिक्रिया को सोशल मीडिया पर खूब सराहा जा रहा है। कई यूजर्स ने उनकी बातों का समर्थन किया और कहा कि उनका इस तरह सामने आना काबिल-ए-तारीफ है।

क्या हुआ था पहलगाम में?

गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को आतंकवादियों ने पहलगाम में पर्यटकों पर अचानक हमला कर दिया था। इस भयावह हमले में 26 लोग मारे गए और कई गंभीर रूप से घायल हुए। घटना के बाद से पूरे देश में आक्रोश है और केंद्र सरकार लगातार इस मामले में कड़ी कार्रवाई कर रही है।

देश में पहली बार: जबलपुर के डेंटल कॉलेज में हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई शुरू…यह भी पढ़े

Road Construction Quality : 3 महीने में हाथ से उखड़ने लगी सड़क, 2.06 करोड़ की लागत पर उठ रहे सवाल

रिपोर्ट- केशरी नंदन तिवारी Road Construction Quality : कवर्धा जिले में प्रधानमंत्री…