नई दिल्ली, फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप इन दिनों अपनी आगामी फिल्म फुले को लेकर चर्चा में हैं, लेकिन हाल ही में दिए गए एक ब्राह्मण समुदाय से जुड़े बयान ने उन्हें भारी विवादों में घेर लिया है। इस बयान को लेकर देश के कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
केंद्रीय मंत्री ने जताई नाराज़गी
मंत्री दुबे ने सोशल मीडिया पर अनुराग कश्यप की आलोचना करते हुए लिखा कि,
“अगर इस व्यक्ति ने ब्राह्मण समाज के खिलाफ की गई टिप्पणी के लिए माफी नहीं मांगी, तो इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। अब ये बर्दाश्त से बाहर है।”
उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि इस तरह की टिप्पणी न सिर्फ आपत्तिजनक है, बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द को भी चोट पहुंचाती है।
This vile scumbag @anuragkashyap72 thinks he can spit filth on the entire Brahmin community and get away with it?
— Satish Chandra Dubey (@satishdubeyy) April 18, 2025
If he doesn’t issue a public apology immediately, I swear I’ll make sure he finds no peace anywhere. Enough of this gutter mouth’s hate , we won’t stay silent!… pic.twitter.com/N6iRMoYDVw
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, अनुराग कश्यप ने 17 अप्रैल को अपनी फिल्म फुले को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया था। इस पोस्ट में उन्होंने भारत में जाति व्यवस्था से जुड़े विषयों पर बनी फिल्मों के लगातार विरोध को लेकर चिंता जताई थी। इसी दौरान उन्होंने एक टिप्पणी की, जिसे ब्राह्मण समुदाय के कुछ सदस्यों ने अपमानजनक बताया। इसके बाद विवाद ने तूल पकड़ लिया।
फिल्म ‘फुले’ भारत के प्रसिद्ध समाज सुधारक ज्योतिराव फुले और सावित्रीबाई फुले के जीवन पर आधारित है, जिसमें प्रतीक गांधी और पत्रलेखा मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म का ट्रेलर 10 अप्रैल को रिलीज हुआ था, जिसके बाद से ही कुछ संगठनों ने यह आरोप लगाया कि फिल्म में ब्राह्मण समुदाय को नकारात्मक रूप में दिखाया गया है।
अनुराग कश्यप ने दी सफाई, मांगी माफी
विवाद बढ़ता देख अनुराग कश्यप ने इंस्टाग्राम स्टोरी के ज़रिए एक बयान साझा किया। उन्होंने लिखा:
“मैं अपने बयान की उस एक पंक्ति के लिए माफी मांगता हूं, जिसे संदर्भ से हटाकर पेश किया गया। मेरी मंशा किसी भी समुदाय को आहत करने की नहीं थी। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि मेरी इस बात के चलते मेरे परिवार, बेटी, और करीबियों को धमकियां मिल रही हैं। ये पूरी तरह गलत है।”
उन्होंने आगे यह भी कहा कि विरोध या असहमति के नाम पर बलात्कार और हत्या की धमकियाँ देना किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है।
फिल्म पर रोक की मांग
विवाद के चलते अब कुछ संगठन और सामाजिक समूह फिल्म फुले के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और इसकी रिलीज पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, फिल्म निर्माताओं ने स्पष्ट किया है कि फिल्म का उद्देश्य किसी समुदाय को निशाना बनाना नहीं, बल्कि समाज सुधारकों की सोच को जन-जन तक पहुंचाना है।
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