प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
दुर्ग जिले के नेवई थाना क्षेत्र अंतर्गत गुरुवार शाम एक मजदूर की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने थाने में हंगामा किया और फिर पाटन रोड पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया।
जानकारी के अनुसार, पाटन रोड पर पाइप लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा था। इस काम में बिजली का अस्थायी कनेक्शन सड़क किनारे पोल से अवैध रूप से लिया गया था, जिसे ऊपर से मिट्टी डालकर ढक दिया गया था। गुरुवार को हल्की बारिश के कारण सड़क पर पानी भर गया था। अवैध और कटे हुए बिजली तारों के चलते पानी में करंट फैल गया और वहीं से गुजर रहे मजदूर परशुराम शिखा इसकी चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद परिजनों में भारी रोष फैल गया। पहले उन्होंने नेवई थाना का घेराव किया और फिर मृतक का शव लेकर पाटन रोड पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों की मांग थी कि मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए।
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को समझाने की कोशिश की और कहा कि 50 हजार रुपये अंतिम संस्कार के लिए तत्काल दिए जाएंगे, और बाकी मुआवजा नियमानुसार दिया जाएगा।
हालांकि, परिजनों ने प्रशासन की बात मानने से इनकार कर दिया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग पर अड़े रहे।
इस पूरे मामले ने प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है। अवैध बिजली कनेक्शन और खुले तारों की वजह से एक निर्दोष मजदूर की जान चली गई।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन द्वारा जांच जारी है, और आगे की कार्रवाई की जा रही है।





