Vijay Leadership Style : तमिलनाडु के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर जोसेफ विजय, यानी थलपति विजय पद पर आसीन होन के बाद ही बहुत तेज गति से शासन के फैसले ले रहे हैं। वे वही कार्यशैली अपना रहे हैं जो उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की है।सन 2001 में बॉलीवुड की एक फिल्म ‘नायक’ आई थी। इस फिल्म की कहानी में हीरो अनिल कपूर (फिल्म में शिवाजी राव गायकवाड़) एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बने थे। फिल्म में भ्रष्टाचार के खिलाफ सामाजिक संदेश है और यह एक राजनीतिक थ्रिलर भी है जो एक व्यक्ति के कम समय में बड़े बदलाव लाने की ताकत दिखाती है। साउथ के फिल्म एक्टर थलपति विजय भी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बन गए हैं। वे भले ही एक दिन के मुख्यमंत्री नहीं हैं लेकिन उनकी कार्यशैली में ‘नायक’ की झलक दिखाई दे रही है। विजय बाकायदा जनादेश लेकर तमिलनाडु के मुखिया बने हैं।

Vijay Leadership Style : सीएम योगी आदित्यनाथ का अनुसरण कर रहे विजय
फिल्म के बजाय यदि विजय की तुलना देश के मौजूदा मुख्यमंत्रियों से की जाए, जो कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत इस पद पर पहुंचे हैं तो यह अहसास होता है उनके तेवर कुछ वैसे ही हैं जैसे उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के हैं। युवा मुख्यमंत्री विजय के रुख को देखकर लगता है कि वे सीएम योगी का अनुसरण कर रहे हैं। इससे संकेत यही मिल रहे हैं कि योगी आदित्यनाथ देश की राजनीति के रोलमॉडल बन रहे हैं।
Vijay Leadership Style : पूर्ववर्ती मुख्यमंत्रियों से जुदा थलपति विजय
तमिलनाडु में फिल्मों में अभिनय के जरिए नाम कमाने और फिर अभिनेता से नेता बनकर मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने वाले चंद्रशेखर जोसेफ विजय, जिन्हें थलपति विजय कहा जाता है, पहले नेता नहीं हैं। उनसे पहले एमजी रामचंद्रन सन 1977 से 1987 तक तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे थे। इसके बाद एम करुणानिधि पांच बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे थे। उनके बाद जे जयललिता भी दक्षिण भारतीय सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री थीं, जो कि चार बार राज्य की मुख्यमंत्री रही थीं। हालांकि अल्प समय में विजय के काम करने की जो शैली दिखाई दी है उससे वे उनसे पहले हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्रियों से सर्वथा जुदा नजर आ रहे हैं। वे वैसे ही जुटकर तेज गति से अपने उद्देश्यों को पूरा कर रहे हैं जैसे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ करते हैं।
Vijay Leadership Style : योगी आदित्यनाथ क्या विजय के रोल मॉडल?
सबसे पहले तो तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव में विजय की ‘विजय’ ही अप्रत्याशित थी। किसी को यह अनुमान नहीं था कि वे अचानक ऐसे उभरेंगे कि एआईएडीएमके और डीएमके जैसी स्थापित राजनीतिक पार्टियां धूल चाट जाएंगी और विजय की पार्टी तमिलागा वेट्ट्री कजगम (टीवीके) सत्ता के सिंहासन पर बैठेगी। थलपति विजय ने मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के साथ तेजी से फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। इस मामले में उनके तेवर वैसे ही हैं जैसे उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के साल 2017 में सत्ता संभालने के बाद नजर आने लगे थे। क्या विजय यूपी के योगी मॉडल को अपना रहे हैं और योगी आदित्यनाथ को अपना रोल मॉडल मानने लगे हैं?
योगी आदित्यनाथ 19 मार्च 2017 को पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने शुरुआती दिनों में राज्य के हालात और जरूरतों को समझने के लिए अपने मंत्रिमंडल और अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें की थीं। इसके बाद उन्होंने बहुत तेज गति से कई फैसले लिए थे जिनको तेजी के साथ अमल में भी लाया गया था।
Vijay Leadership Style : सीएम योगी ताबड़तोड़ फैसले लेने में माहिर
योगी आदित्यनाथ ने पहली आधिकारिक कैबिनेट मीटिंग में ही किसानों के एक लाख तक के ऋण माफ कर दिए थे। उन्होंने यूपी के अवैध बूचड़खानों पर सख्ती से रोक लगा दी थी। महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए उन्होंने सभी पुलिस थानों में ‘एंटी-रोमियो स्क्वॉड’ का गठन कर दिया था। उन्होंने राज्य की सड़कों में तेजी से सुधार करने के निर्देश दिए थे। इसके साथ वीवीआईपी संस्कृति पर लगाम लगाने के लिए योगी ने मंत्रियों और अधिकारियों की गाड़ियों पर लाल बत्ती का इस्तेमाल प्रतिबंधित कर दिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह कार्यशैली फिर कभी नहीं बदली। वे आज भी तेज गति से फैसले ले रहे हैं और राज्य में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।
Vijay Leadership Style : विजय ने शुरुआती दो दिन में ही लिए कई फैसले
तमिलनाडु में के जोसेफ विजय ने 10 मई 2026 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके साथ ही उन्होंने तेजी से फैसले लेने शुरू कर दिए। शपथ लेने के 48 घंटे के अंदर ही उन्होंने चार बड़े फैसले ले लिए। विजय ने राज्य में 200 यूनिट बिजली मुफ्त कर दी। इसके तहत हर दो महीने में 500 यूनिट तक बिजली का उपयोग करने वालों को 200 यूनिट बिजली मुफ्त देने की व्यवस्था की गई है। विजय ने चुनाव से पहले लोगों से यह वादा किया था।
Vijay Leadership Style : वादे पूरे करने में जुटे मुख्यमंत्री
विजय ने तमिलनाडु के हर जिले में एंटी-ड्रग टास्क फोर्स और 65 एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित कर दी हैं। यह विजय का ‘ड्रग-फ्री तमिलनाडु’ मिशन है। तमिलनाडु में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में पिछले साल 40 फीसदी की वृद्धि देखी गई थी। इस पर विजय ने ‘सिंगाप्पन स्पेशल टास्क फोर्स’ बना दी है जो कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों की रोकथाम के लिए तुरंत कार्रवाई करेगी। उन्होंने स्कूलों, बस स्टैंडों और धार्मिक स्थलों के आसपास के 500 मीटर के दायरे में चल रहीं शराब की 717 दुकानें बंद करा दी हैं।
Vijay Leadership Style : पीएम मोदी से मुलाकात, नजर भविष्य पर
थलपति विजय मुख्यमंत्री बनने के 17 दिन बाद 27 मई को दिल्ली पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। उन्होंने पीएम मोदी को उनकी सरकार के फैसलों से अवगत कराया और केंद्र से तमिलनाडु के लिए जरूरी कई मांगें सामने रखीं। विजय तमिलनाडु की समस्याओं के निवारण और विकास के लिए अपने रोड मैप पर आगे बढ़ना चाहते हैं। ऐसा लगता है कि उनकी सोच दूरगामी है। वैसे ही जैसे कि योगी आदित्यनाथ सोचते हैं।

Vijay Leadership Style : तमिलनाडु के ‘सेनापति’ और यूपी के ‘योगी’
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर जोसेफ विजय के काम करने के तरीके से यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि वे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से प्रेरणा ले रहे हैं। वे उसी इच्छाशक्ति से आम लोगों में लोकप्रिय प्रभावी और शासन व्यवस्था बनाना चाहते हैं जैसी व्यवस्था योगी आदित्यनाथ ने बनाई है। विजय, थलपति विजय के नाम से लोकप्रिय हैं। ‘थलपति’ का अर्थ ‘सेनापति’ है। उनका आत्मविश्वास यह दिखा रहा है कि तमिलनाडु का यह सेनापति हार मानने वाला नहीं है, उनका राजनीतिक सफर अभी शुरू हुआ है जो कि लंबा चलने वाला है।
Vijay Leadership Style : इच्छाशक्ति का सुयोग
विजय के योगी आदित्यनाथ का अनुसरण करने से यह संकेत भी मिल रहे हैं कि योगी राजनीति में आने वाली युवा पीढ़ी के रोल मॉडल बन रहे हैं। योगी आदित्यनाथ अटूट आत्मविश्वास से भरे ऐसे नेता हैं जिनके बारे में कहा जा सकता है कि वे कभी हार नहीं सकते। वे आम लोगों के हित के लिए बड़े से बड़े फैसले लेन में देर नहीं करते। विजय ‘सेनापति’ हैं और योगी जनकल्याण के लिए ‘योग’ कर रहे हैं। यह यूपी और तमिलनाडु के लिए ‘सुयोग’ है।
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