Monsoon 2026 : देशभर में इस साल मानसून और गर्मी को लेकर चिंताजनक संकेत सामने आ रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अपने शुरुआती अनुमान में बदलाव करते हुए कहा है कि 2026 में मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, जून और जुलाई में उत्तर भारत समेत कई राज्यों में भीषण गर्मी और हीटवेव जारी रह सकती है, जबकि मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशांत महासागर में सक्रिय हो रहे अल-नीनो (El Nino) के कारण मानसूनी हवाओं की ताकत कमजोर पड़ रही है, जिसका असर पूरे देश के मौसम चक्र पर दिखाई दे सकता है।

Monsoon 2026 : मौसम विभाग ने बदला बारिश का अनुमान
भारतीय मौसम विभाग ने लगभग एक महीने पहले जारी किए गए अनुमान में संशोधन किया है। पहले विभाग ने मानसून सीजन में 80 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान लगाया था, लेकिन अब इसे घटाकर 78 सेंटीमीटर कर दिया गया है।यदि ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो 1971 से 2020 के बीच भारत में औसत मानसूनी बारिश 87 सेंटीमीटर दर्ज की गई है। इस हिसाब से इस बार मानसून लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का करीब 90 प्रतिशत ही रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 100 प्रतिशत LPA को सामान्य मानसून माना जाता है, ऐसे में इस बार लगभग 10 प्रतिशत बारिश कम हो सकती है।
Monsoon 2026 : श्रीलंका के पास अटका मानसून
केरल में मानसून की एंट्री को लेकर भी मौसम विभाग का शुरुआती पूर्वानुमान गलत साबित हुआ है। मानसून फिलहाल श्रीलंका के आसपास अटका हुआ है और पिछले पांच दिनों से केरल तट से करीब 30 से 35 किलोमीटर दूर बना हुआ है।IMD के डिप्टी डायरेक्टर जनरल डॉ. एम. मोहापात्रा के अनुसार मानसून अगले सात दिनों के भीतर, यानी लगभग 7 जून तक केरल पहुंच सकता है।मौसम विभाग ने 15 मई को अनुमान जताया था कि मानसून तय समय से पांच दिन पहले 26 मई तक केरल पहुंच जाएगा, लेकिन मौसम परिस्थितियों में बदलाव के कारण इसमें देरी हो रही है।
Monsoon 2026 : जून-जुलाई में भी जारी रह सकती है हीटवेव
मौसम विभाग ने साफ किया है कि लोगों को फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है। जून और जुलाई में भी कई राज्यों में लू का प्रकोप जारी रह सकता है।उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश में हीटवेव का असर अधिक देखने को मिल सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सामान्य तौर पर इन महीनों में तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है, लेकिन इस बार तापमान औसत से करीब 3 डिग्री अधिक रहने की संभावना है।
Monsoon 2026 : मध्यप्रदेश और यूपी समेत कई राज्यों में कम बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार जून महीने में मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। इसका असर खेती और जलस्रोतों पर पड़ सकता है।हालांकि महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों में सामान्य बारिश के संकेत दिए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कमजोर मानसून का सबसे ज्यादा असर उन क्षेत्रों पर पड़ेगा जहां खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर है।
Monsoon 2026 : मानसून कोर जोन पर सबसे ज्यादा खतरा
IMD के अनुसार इस बार मानसून कोर जोन में बारिश की कमी देखने को मिल सकती है। मानसून कोर जोन वे इलाके होते हैं जहां देश की बड़ी आबादी खेती-किसानी के लिए मानसून पर निर्भर रहती है।इन क्षेत्रों में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश-बिहार के कई हिस्से शामिल हैं। कम बारिश होने की स्थिति में खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो सकती है और खाद्य उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है।
Monsoon 2026 : छत्तीसगढ़ में तेज गर्मी के बीच बारिश का अलर्ट
छत्तीसगढ़ में इन दिनों भीषण गर्मी का दौर जारी है। कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। वहीं नौतपा के दौरान लोगों को मानसून का बेसब्री से इंतजार है।मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। सूरजपुर और अंबिकापुर में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई है, जबकि रायगढ़ और सुकमा में आंधी का असर देखने को मिला।
Monsoon 2026 : मध्यप्रदेश में बदला मौसम का मिजाज
मध्यप्रदेश में नौतपा के बीच मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। ग्वालियर और मुरैना में शुक्रवार सुबह तेज बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली।इससे पहले दमोह समेत कई जिलों में ओलावृष्टि और बारिश हुई थी। मौसम विभाग ने ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं भोपाल, जबलपुर समेत 27 जिलों में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
Monsoon 2026 : आम लोगों और अर्थव्यवस्था पर असर
कमजोर मानसून का असर केवल मौसम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था और आम आदमी की जिंदगी पर भी पड़ सकता है।भारत की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है और खेती का बड़ा हिस्सा मानसूनी बारिश पर आधारित है। ऐसे में यदि बारिश कम होती है तो फसलों का उत्पादन घट सकता है, जिससे सब्जियों, दालों और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ने की आशंका है।
Monsoon 2026 : खेती, पानी और बिजली संकट बढ़ने की आशंका
कम बारिश की वजह से खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो सकती है। किसानों की लागत बढ़ेगी और उत्पादन घटने का खतरा रहेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में आय कम होने से बाजार और वाहन बिक्री पर भी असर पड़ सकता है।इसके अलावा डैम और जलाशयों का जलस्तर घटने से पानी की किल्लत बढ़ सकती है। दूसरी ओर भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

