New Delhi : IMD का बड़ा अलर्ट: इस साल सामान्य से कम बरसेगा मानसून, सूखा बढ़ने की आशंका; यूपी में आंधी-तूफान से 12 लोगों की मौत
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BY
Yoganand Shrivastava
New Delhi भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश में इस साल आने वाले दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) को लेकर चिंताजनक आंकड़े जारी किए हैं। मौसम विभाग के ताजा और संशोधित पूर्वानुमान के मुताबिक, इस साल देश में सामान्य से कम बारिश होने के आसार हैं। पूर्वोत्तर भारत (North-East) के राज्यों को छोड़ दिया जाए, तो देश के अधिकांश हिस्सों में इस बार कम बारिश का संकट झेलना पड़ सकता है। वहीं दूसरी ओर, मई के जाते-जाते उत्तर प्रदेश में मौसम के रौद्र रूप ने भारी तबाही मचाई है, जहाँ चक्रवाती तूफान और हादसों के कारण 12 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है।
New Delhi IMD का नया पूर्वानुमान: 2% और घटाया बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने मानसून को लेकर जो दूसरा पूर्वानुमान जारी किया है, वह खेती और जलभराव के लिहाज से चिंता बढ़ाने वाला है:
दीर्घकालिक औसत का 90%: आईएमडी के अनुसार, इस मानसून सीजन में कुल बारिश दीर्घकालिक औसत (Long Period Average) की महज 90 फीसदी रहने की संभावना है।
पिछले अनुमान से कम: इससे पहले 13 अप्रैल को जारी शुरुआती पूर्वानुमान में विभाग ने 92 प्रतिशत बारिश की उम्मीद जताई थी, लेकिन ताजा समीक्षा में इसमें 2 फीसदी की और कटौती कर दी गई है।
क्षेत्रीय असमानता: रिपोर्ट के अनुसार, असम और मेघालय समेत पूर्वोत्तर भारत में तो मानसून सामान्य रहेगा, लेकिन उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत के बाकी हिस्सों में यह सामान्य से काफी कम रहेगा।
New Delhi मौसम विभाग के पैमाने: क्या कहते हैं ये आंकड़े?
सूखे की आहट: मौसम विज्ञान विभाग (IMD) बारिश के प्रतिशत को तीन मुख्य श्रेणियों में विभाजित करता है:
96 से 104 फीसदी: इसे देश के लिए ‘सामान्य मानसून’ माना जाता है।
90 से 95 फीसदी: इसे ‘सामान्य से कम’ बारिश की श्रेणी में रखा जाता है।
90 फीसदी से कम: इसे ‘अपर्याप्त वर्षा’ या ‘सूखे जैसी स्थिति’ (Drought-like condition) माना जाता है। वर्तमान अनुमान ठीक इसी सीमा रेखा पर खड़ा है।
New Delhi यूपी में 100 किमी/घंटे का तूफान: 20 जिलों में मची तबाही, 12 मौतें
मई के आखिरी दिनों में उत्तर प्रदेश में आए प्री-मानसून चक्रवात ने भारी जान-माल का नुकसान किया है:
भीषण अंधड़: राजधानी लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद और वाराणसी सहित करीब 20 जिलों में 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी आंधी-तूफान चला और मूसलाधार बारिश हुई।
मजदूरों और मवेशियों की मौत: हमीरपुर में एक निर्माणाधीन पुल (Bridge) ढहने और अन्य स्थानों पर पेड़ व टिन शेड गिरने के कारण अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों बेजुबान मवेशी भी काल के गाल में समा गए।
आज सुबह का हाल: शुक्रवार सुबह से ही पूर्वांचल के मऊ, कुशीनगर, गोरखपुर और वाराणसी समेत कई इलाकों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) दर्ज की गई है। अगले 24 घंटों के लिए भी पूरे राज्य में अलर्ट जारी है।
New Delhi मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कड़ा निर्देश: 24 घंटे में मिले मुआवजा
इस आसमानी आफत से हुए नुकसान पर संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सीएम ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासनिक अमले को सख्त निर्देश दिए हैं:
मुआवजे की समय-सीमा: जिला प्रशासनों को प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान का तुरंत आकलन (सर्वे) कर 24 घंटे के भीतर पीड़ितों और उनके परिजनों को आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध कराने को कहा गया है।
अधिकारी रहेंगे ग्राउंड पर: मुख्यमंत्री ने सभी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और आपदा प्रबंधन टीमों को दफ्तरों को छोड़ धरातल (ग्राउंड) पर रहने तथा प्रभावितों को हर संभव मेडिकल व राशन सहायता मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।