Grievance Committee : पहली बार यमुनानगर ग्रीवेंस बैठक की अध्यक्षता करने पहुंचे कैबिनेट मंत्री, 15 शिकायतों पर हुई सुनवाई

Grievance Committee : हरियाणा सरकार द्वारा जिला कष्ट निवारण समितियों (ग्रीवेंस कमेटी) में किए गए फेरबदल के बाद, कैबिनेट मंत्री अनिल विज पहली बार यमुनानगर में बैठक की अध्यक्षता करने पहुंचे। जगाधरी के अग्रसेन कॉलेज के सभागार में आयोजित इस हाई-प्रोफाइल बैठक में अनिल विज अपने उसी चिर-परिचित सख्त अंदाज में नजर आए, जिसके लिए वे जाने जाते हैं। बैठक में कुल 15 शिकायतें मेज पर रखी गईं, जिनमें 5 पुरानी और 10 नई शिकायतें शामिल थीं। बिजली, नगर निगम, राजस्व, पुलिस और टाउन प्लानिंग जैसे विभागों की फाइलों को देखते ही मंत्री ने लापरवाह अधिकारियों से सीधे जवाब तलब किया।
Grievance Committee : “जनता को चक्कर कटवाए तो खैर नहीं”— अधिकारियों को सख्त चेतावनी

बैठक के दौरान जब फरियादियों ने अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई न होने और दफ्तरों के चक्कर कटवाए जाने की शिकायतें रखीं, तो अनिल विज का पारा चढ़ गया। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में नियमों का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि जनता के काम में ढिलाई बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि अधिकारी अपनी कार्यप्रणाली सुधारें और लोगों को परेशान करना बंद करें, अन्यथा मौके पर ही सस्पेंशन की कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
Grievance Committee : नगर निगम और पुलिस विभाग से जुड़े मामलों पर कड़े निर्देश
अवैध निर्माण और पुलिसिया कार्रवाई में देरी से जुड़े मामलों पर मंत्री ने सीधे विभाग प्रमुखों से ऑन-द-स्पॉट स्टेटस रिपोर्ट मांगी। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए कई मामलों में विभागीय जांच बिठाने और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत एक्शन लेने के निर्देश दिए गए। अनिल विज के इस कड़े तेवर को देखकर सभागार में मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों के पसीने छूट गए और पूरी बैठक के दौरान हड़कंप का माहौल बना रहा।
Grievance Committee : महीने के आखिरी शुक्रवार को फिर होगा ‘ऑन-द-स्पॉट’ फैसला
कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने स्पष्ट किया कि ग्रीवेंस कमेटी सरकार और आम जनता के बीच का सीधा पुल है, इसमें कोई भी रुकावट स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि महीने के हर आखिरी शुक्रवार को वे खुद यमुनानगर में ग्रीवेंस कमेटी की बैठक लेंगे। अगली बैठक में आज की शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी बारीकी से समीक्षा की जाएगी और रिपोर्ट कार्ड देखा जाएगा।
Grievance Committee : अनिल विज (ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री, हरियाणा) : “जनता की शिकायतों का समय पर समाधान होना चाहिए। अधिकारी लोगों को दफ्तरों के चक्कर न कटवाएं। जहां भी विभागीय लापरवाही या भ्रष्टाचार की बू आएगी, वहां सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”





