Warehouse Fire : बीजापुर में तेंदूपत्ता गोदाम अग्निकांड से मचा हड़कंप
Warehouse Fire : छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के ग्राम ईटपाल स्थित तेंदूपत्ता गोदाम में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस आगजनी में करीब 25 हजार मानक बोरा तेंदूपत्ता जलकर खाक हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार नुकसान 8 से 10 करोड़ रुपये के बीच बताया जा रहा है।

Warehouse Fire : सरकार ने DFO को हटाया, लेकिन सवाल बरकरार
घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने बीजापुर वनमंडलाधिकारी (DFO) रमेश जांगड़े को पद से हटा दिया है। हालांकि अब स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि मामले में अन्य जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई कब होगी।
Warehouse Fire : रूपसाय सलाम ने किया गोदाम का निरीक्षण
छत्तीसगढ़ राज्य लघुवनोपज सहकारी संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम शुक्रवार को अचानक बीजापुर पहुंचे और ईटपाल स्थित गोदाम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मामले की विभागीय और पुलिस जांच जारी है।उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, चाहे वह विभागीय अधिकारी-कर्मचारी हो या कोई बाहरी व्यक्ति, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
Warehouse Fire : विभागीय व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल
अग्निकांड के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। लोगों का कहना है कि जब गोदाम में तेंदूपत्ता की उठाई-ढुलाई का कार्य चल रहा था, तब जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी मौके पर क्यों मौजूद नहीं थे।इसके अलावा यह भी सवाल उठ रहा है कि करोड़ों रुपये मूल्य के तेंदूपत्ते के भंडारण के बावजूद आग से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए थे।
Warehouse Fire : आग बुझाने के संसाधनों की कमी की चर्चा
स्थानीय लोगों और सूत्रों का दावा है कि गोदाम में आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं थे। इसी वजह से आग तेजी से फैलती चली गई और देखते ही देखते बड़ी मात्रा में तेंदूपत्ता जलकर नष्ट हो गया।यदि समय रहते प्रभावी अग्निशमन व्यवस्था होती, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था।
Warehouse Fire : कार्रवाई से बचने के लिए नेताओं के संपर्क में अधिकारी?
सूत्रों के मुताबिक मामले में संलिप्त बताए जा रहे कुछ निचले स्तर के अधिकारी और कर्मचारी कार्रवाई से बचने के लिए राजनीतिक संपर्क साधने में जुटे हुए हैं। बताया जा रहा है कि कुछ लोग स्थानीय भाजपा नेताओं और सर्किट हाउस के चक्कर लगा रहे हैं ताकि संभावित कार्रवाई से बचा जा सके।हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
Warehouse Fire : जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी निगाहें
फिलहाल पूरे मामले की विभागीय और पुलिस जांच जारी है। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या कार्रवाई केवल DFO तक सीमित रहेगी या फिर रेंज अधिकारी, गोदाम प्रभारी और लापरवाही बरतने वाले अन्य कर्मचारियों पर भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस बहुचर्चित अग्निकांड की वास्तविक जिम्मेदारी तय हो सकेगी।
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