Flight Safety News : नई दिल्ली, राजधानी दिल्ली के नजदीक एयर इंडिया की एक फ्लाइट पर हाई-पावर ग्रीन लेजर लाइट फ्लैश किए जाने का मामला सामने आया है। फ्लाइट में मौजूद एक यात्री और पूर्व सैन्य अधिकारी ने दावा किया है कि विमान के कॉकपिट की दिशा में तीन अलग-अलग बार तेज हरे रंग की लेजर किरणें छोड़ी गईं। उन्होंने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए जांच की मांग की है।
बताया जा रहा है कि यह घटना रात करीब 9:20 बजे से 9:28 बजे के बीच हुई, जब विमान दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग की तैयारी कर रहा था। यात्री ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें और वीडियो भी साझा किए हैं, जिनमें हरे रंग की लेजर रोशनी दिखाई दे रही है।
Flight Safety News : पूर्व सैन्य अधिकारी ने दर्ज कराई शिकायत
फ्लाइट में सफर कर रहे रिटायर्ड मेजर मानिक एम. जॉली ने एयर इंडिया, डीजीसीए और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को टैग करते हुए घटना की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि वे पुणे से दिल्ली आने वाली एयर इंडिया की AI-2469 फ्लाइट में सवार थे।
मेजर जॉली के मुताबिक, विमान जब दिल्ली के करीब पहुंचा तब तीन अलग-अलग समय पर हाई-पावर ग्रीन लेजर बीम कॉकपिट की ओर डाली गई। उन्होंने दावा किया कि वह केवल एक घटना को रिकॉर्ड कर सके, जबकि बाकी दो घटनाएं कैमरे में कैद नहीं हो सकीं। उनका कहना है कि फ्लाइट लॉग और रूट की जांच से लेजर की लोकेशन का पता लगाया जा सकता है।

Flight Safety News : नोएडा के पास भी दिखी लेजर लाइट
पूर्व सैन्य अधिकारी ने यह भी कहा कि विमान जब नोएडा क्षेत्र के करीब था, तब भी ग्रीन लेजर लाइट दिखाई दी। उन्होंने सवाल उठाया कि लगातार एक ही दिशा में लेजर किरणों का पड़ना महज शरारत नहीं हो सकता और इसकी गंभीर जांच होनी चाहिए। उन्होंने अमेरिका में हाल ही में सामने आए ऐसे मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां सुरक्षा एजेंसियों ने इस तरह की घटनाओं को गंभीर खतरे के रूप में लिया था।
भारत में विमान पर लेजर लाइट डालना गंभीर और गैरकानूनी कृत्य माना जाता है। यदि जांच में आरोपी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कई कानूनों के तहत कार्रवाई हो सकती है।

Flight Safety News : किन धाराओं में हो सकती है कार्रवाई?
भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने और जान जोखिम में डालने वाली धाराएं लग सकती हैं।
Aircraft Act, 1934 और Aircraft Rules के तहत विमान संचालन में बाधा पहुंचाने पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।
यदि घटना को राष्ट्रीय सुरक्षा या आतंकी गतिविधि से जुड़ा पाया जाता है, तो जांच एजेंसियां UAPA जैसी गंभीर धाराएं भी जोड़ सकती हैं।
क्या हो सकती है सजा?
दोष सिद्ध होने पर आरोपी को जुर्माना,
कई वर्षों तक की जेल,
या दोनों सजा एक साथ हो सकती हैं।
यदि यह साबित हो जाए कि आरोपी की हरकत से विमान, पायलट या यात्रियों की जान खतरे में पड़ी, तो सजा और ज्यादा कठोर हो सकती है।
Flight Safety News : क्यों माना जाता है खतरनाक?
लैंडिंग और टेक-ऑफ के दौरान पायलट को बेहद सटीक विजिबिलिटी की जरूरत होती है। हाई-पावर लेजर सीधे कॉकपिट पर पड़ने से:
पायलट की आंखें कुछ समय के लिए चौंधिया सकती हैं,
ध्यान भटक सकता है,
और बड़ा विमान हादसा हो सकता है।
Flight Safety News : विमान पर लेजर लाइट डालना कितना खतरनाक?
विशेषज्ञों के मुताबिक विमान पर लेजर बीम डालना बेहद खतरनाक और गैरकानूनी है। टेक-ऑफ और लैंडिंग के दौरान यदि तेज रोशनी पायलट की आंखों पर पड़ती है तो कुछ समय के लिए उनकी दृष्टि प्रभावित हो सकती है। इससे विमान संचालन में बाधा आ सकती है और यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। एविएशन नियमों के तहत इस तरह की हरकत को गंभीर अपराध माना जाता है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

