मोदी सरकार ने दिया 1000 करोड़ का बजट, परमाणु उर्जा हब बनने की राह पर चला भारत

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दिल्लीः शनिवार को बजट 2025 में मोदी सरकार ने जीरो कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए 1000 करोड़ की भारी भरकम बजट जारी कर दिया है। बता दें कि पीएम मोदी जलवायु उर्जा परिवर्तन सम्मेलनों में बार-बार भारत को ग्रीन उर्जा का हब बनाने का संकल्प जताते रहे हैं। बजट में मोदी सरकार ने यह साफ कर दिया है कि भारत अब परमाणु केन्द्रों की क्षमता बढ़ाने में कदम रख रहा है।

भारत की मौजूदा परमाणु ऊर्जा स्थिति


मौजूदा समय में परमाणु ऊर्जा भारत के लिए विद्युत का 5वां बड़ा स्रोत है। देश भर में कुल 7 विद्युत संयंत्र हैं। जबकि 22 से अधिक नाभिकीय रिएक्टर हैं जो 6780 मेगावाट नाभिकीय ऊर्जा का उत्पादन करते हैं। इसके अलावा जनवरी 2021 में काकरापार नाभिकीय ऊर्जा परियोजना को भी ग्रिड से जोड़ दिया गया है। दबावयुक्त भारी जल रिएक्टर की संख्या 18 है और 4 हल्के जल रिएक्टर हैं। सरकार ने भारत के परमाणु कार्यक्रम को बढ़ाने के लिये सार्वजनिक उपक्रमों के साथ संयुक्त उद्यमों को भी अनुमति दी है। न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड अब नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के साथ दो संयुक्त उद्यमों पर काम कर रहा है।

भारत का पहला स्वदेशी परमाणु ऊर्जा घर


भारत यूरेनियम.233 का उपयोग कर दुनिया का पहला थोरियम आधारित नाभिकीय संयंत्रए तमिलनाडु के कलपक्कम में स्थापित कर रहा है। यह सयंत्र पूरी तरह स्वदेशी होगा और अपनी तरह का पहला सयंत्र होगा। कलपक्कम में प्रायोगिक थोरियम संयंत्र पहले से मौजूद है।

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