Isa Ahmad
Harit GPM Campaign में हरेली पर प्रकृति संरक्षण का संकल्प
Harit GPM Campaign: छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोकपर्व और किसानों के प्रमुख त्योहार हरेली के अवसर पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। हरित जीपीएम अभियान के तहत एकलव्य विद्यालय डोंगरिया परिसर में हुए कार्यक्रम में जिले के प्रभारी एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल शामिल हुए। उन्होंने विद्यालय परिसर में पौधरोपण कर हरेली पर्व को प्रकृति संरक्षण के संकल्प के साथ मनाया।
इस दौरान प्रभारी मंत्री ने प्रदेशवासियों को हरेली पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं में प्रकृति का विशेष महत्व रहा है। ऐसे में पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है।
Harit GPM Campaign में पौधरोपण के साथ पौधों की देखभाल पर जोर
Harit GPM Campaign: मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस पहल ने कम समय में बड़ी संख्या में लोगों को पौधरोपण से जोड़ा है। लोग अपनी मां के सम्मान में पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि केवल पौधा लगा देना ही पर्यावरण संरक्षण की पूरी प्रक्रिया नहीं है। लगाए गए पौधे की नियमित देखभाल और सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यदि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधे को बचाने और बड़ा करने की जिम्मेदारी ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर और सुरक्षित पर्यावरण तैयार किया जा सकता है।
Harit GPM Campaign के जरिए जनभागीदारी का संदेश
Harit GPM Campaign: कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी का संदेश दिया गया। हरेली जैसे प्रकृति से जुड़े पर्व को पौधरोपण के साथ मनाने का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का एहसास कराना भी है।
राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण को सुरक्षित रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। पेड़-पौधे केवल हरियाली बढ़ाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और संतुलित वातावरण बनाए रखने में भी उनकी अहम भूमिका है।
GPM Tourism Development से जिले को मिलेगी नई पहचान
GPM Tourism Development: हरेली कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मंत्री राजेश अग्रवाल ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में पर्यटन की संभावनाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि जिले में प्राकृतिक, धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से काफी संभावनाएं मौजूद हैं।
मंत्री के मुताबिक, जिले की प्राकृतिक संपदा और पर्यटन स्थलों को बेहतर तरीके से विकसित करने की दिशा में सरकार आवश्यक विकास कार्यों को आगे बढ़ाएगी। पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से जिले को नई पहचान मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
GPM Tourism Development से युवाओं को रोजगार के अवसर
GPM Tourism Development: प्रभारी मंत्री ने कहा कि पर्यटन स्थलों के विकास का सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिल सकता है। पर्यटन को बढ़ावा मिलने से होटल, परिवहन, स्थानीय उत्पाद, गाइड सेवा और अन्य गतिविधियों के माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की प्राकृतिक खूबसूरती और धार्मिक स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़कर पर्यटन गतिविधियों का विस्तार किया जा सकता है। सरकार की ओर से पर्यटन क्षेत्र में विकास कार्य आगे बढ़ाने की बात कही गई है।
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हरेली पर पर्यावरण और पर्यटन विकास का संदेश
Harit GPM Campaign: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में हरेली के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण और जिले के विकास की संभावनाओं को एक साथ सामने लाने वाला रहा। एक ओर पौधरोपण के जरिए प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया, वहीं दूसरी ओर जिले के पर्यटन स्थलों को विकसित करने की दिशा में सरकार की प्राथमिकताओं की जानकारी दी गई।
हरेली पर्व के मौके पर प्रभारी मंत्री राजेश अग्रवाल का संदेश स्पष्ट रहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल अभियान तक सीमित नहीं रहना चाहिए। पौधरोपण के साथ उसकी देखभाल और संरक्षण में लोगों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। वहीं पर्यटन विकास के जरिए जिले की प्राकृतिक विरासत को नई पहचान देने और स्थानीय युवाओं के लिए अवसर पैदा करने पर भी जोर दिया गया।



