Isa Ahmad
Jurlakala Jaitkham Controversy में ग्रामीणों ने जताई आपत्ति
Jurlakala Jaitkham Controversy: ग्राम पंचायत जुरलाकला में शासकीय भूमि पर मिनी माता की मूर्ति स्थापना और प्रस्तावित जैतखाम निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और प्रस्तावित निर्माण पर रोक लगाने के साथ पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
Jurlakala Jaitkham Controversy को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि जिस जमीन पर निर्माण प्रस्तावित है, उसका उपयोग लंबे समय से गांव के विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए होता आया है। ऐसे में वहां स्थायी निर्माण किए जाने से भविष्य में ग्रामीणों के सामने कई तरह की समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।
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Jurlakala Jaitkham Controversy में खसरा नंबर 321/3 की जमीन का मामला
Jurlakala Jaitkham Controversy: ग्रामीणों के मुताबिक खसरा नंबर 321/3 की शासकीय भूमि का इस्तेमाल वर्षों से हाट-बाजार, खेल मैदान, मेला-मंडई और धार्मिक-सामाजिक आयोजनों के लिए किया जाता है। इस स्थान पर भागवत कथा, रामायण पाठ और विवाह जैसे सार्वजनिक कार्यक्रम भी आयोजित होते रहे हैं।
ग्रामीणों का दावा है कि इसी शासकीय भूमि पर मिनी माता की मूर्ति स्थापित की गई है और अब वहां जैतखाम निर्माण की तैयारी की जा रही है। ग्रामीणों ने प्रस्तावित निर्माण पर आपत्ति जताते हुए प्रशासन से मामले की जांच करने और निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की है।
खेल मैदान में पहले भी विवाद की स्थिति बनी
Jurlakala Jaitkham Controversy: ग्रामीणों ने बताया कि मूर्ति स्थापना के बाद खेल गतिविधियों को लेकर पहले भी विवाद की स्थिति बन चुकी है। क्रिकेट खेलने के दौरान गेंद मूर्ति से टकराने और 1 मार्च को आयोजित फाग प्रतियोगिता के दौरान मूर्ति पर रंग लगने की घटनाओं का हवाला देते हुए ग्रामीणों ने भविष्य में विवाद बढ़ने की आशंका जताई है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान का इस्तेमाल खेल और सार्वजनिक आयोजनों के लिए होता है, वहां स्थायी धार्मिक निर्माण होने से दोनों गतिविधियों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। इसी वजह से ग्रामीण निर्माण स्थल को लेकर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
Jurlakala Jaitkham Controversy में पंच ने भी उठाए सवाल
मामले में पंच सुशीला साहू ने सरपंच और सचिव पर जैतखाम निर्माण के लिए स्थल चयन से संबंधित प्रस्ताव की जानकारी पंचों को नहीं देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उन्हें इस निर्माण की जानकारी विधायक के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान मिली।
पंच के आरोपों के बाद विवाद का एक और पहलू सामने आया है। ग्रामीणों की मांग है कि निर्माण से जुड़े प्रस्ताव, स्थल चयन और पंचायत स्तर पर हुई प्रक्रिया की भी जांच की जाए, ताकि पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सके।
वार्ड 07-08 में निर्माण का विरोध, दूसरे स्थान की मांग
ग्रामीणों ने वार्ड क्रमांक 07 और 08 में प्रस्तावित जैतखाम निर्माण पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इन स्थानों पर निर्माण होने से सार्वजनिक उपयोग की जमीन प्रभावित हो सकती है।
ग्रामीणों ने इसके विकल्प के तौर पर अनुसूचित जाति बाहुल्य वार्ड क्रमांक 01 की शासकीय भूमि पर जैतखाम निर्माण किए जाने की मांग रखी है। उनका कहना है कि इससे धार्मिक आस्था से जुड़ी मांग भी पूरी हो सकती है और सार्वजनिक उपयोग वाली भूमि भी प्रभावित नहीं होगी।
प्रशासन से जांच और निर्माण रोकने की मांग
Jurlakala Jaitkham Controversy: ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने शासकीय भूमि के उपयोग, मूर्ति स्थापना, जैतखाम के प्रस्तावित निर्माण और स्थल चयन से जुड़ी प्रक्रिया की जांच करने की मांग रखी है।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को सभी पक्षों की बात सुनकर ऐसा समाधान निकालना चाहिए, जिससे गांव में सार्वजनिक उपयोग की जमीन सुरक्षित रहे और भविष्य में किसी तरह का विवाद भी न हो।
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि मामले का जल्द निराकरण नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। ग्रामीणों की मुख्य मांग प्रस्तावित निर्माण पर रोक लगाने, पूरे मामले की जांच कराने और जैतखाम के लिए वैकल्पिक स्थान निर्धारित करने की है।
फिलहाल जुरलाकला में शासकीय भूमि के उपयोग और जैतखाम निर्माण को लेकर विवाद बढ़ता दिखाई दे रहा है। अब ग्रामीणों के ज्ञापन के बाद प्रशासन इस मामले में क्या निर्णय लेता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।



