International Youth Day: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर देश के युवाओं की भूमिका और उनकी क्षमता की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर युवाओं को देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी ताकत बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय युवाओं ने अपनी संवेदनशीलता, सेवाभाव और सामर्थ्य के जरिए देश के साथ-साथ दुनिया में भी अपनी अलग पहचान बनाई है।
युवाओं को संदेश देने के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया। इस श्लोक के माध्यम से उन्होंने बताया कि व्यक्ति के विचार, व्यवहार, वाणी और कर्म उसके व्यक्तित्व तथा समाज में मिलने वाले सम्मान को तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
International Youth Day: PM Modi ने युवाओं को बताया देश की सबसे बड़ी ताकत
प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर युवाओं के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश के युवा केवल आने वाले समय की उम्मीद नहीं हैं, बल्कि वर्तमान में भी राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने युवाओं की संवेदनशीलता, सेवा भावना और क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि इन गुणों के कारण भारतीय युवाओं ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री का संदेश युवाओं को देश के विकास और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करने वाला रहा।
International Youth Day: PM Modi ने शेयर किया संस्कृत का सुभाषित
प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में संस्कृत का यह सुभाषित साझा किया—
“चक्षुषा मनसा वाचा कर्मणा च चतुर्विधम्।
प्रसादयति यो लोकं तं लोकोऽनुप्रसीदति।।”
इस सुभाषित में व्यक्ति के चार महत्वपूर्ण पक्षों की बात की गई है। इनमें उसकी दृष्टि, मन, वाणी और कर्म शामिल हैं। संदेश यह है कि जो व्यक्ति इन सभी माध्यमों से लोगों के मन में स्थान बनाता है, उसे समाज की ओर से विश्वास, सम्मान और सद्भाव प्राप्त होता है।
International Youth Day: श्लोक में बताए गए गुणों का क्या है संदेश
प्रधानमंत्री की ओर से साझा किए गए सुभाषित का मूल भाव यह है कि किसी व्यक्ति का प्रभाव केवल उसके शब्दों से नहीं, बल्कि उसके विचारों और कार्यों से भी बनता है। उसकी सोच सकारात्मक हो, व्यवहार अच्छा हो और उसके कर्म समाज के लिए उपयोगी हों तो वह लोगों का विश्वास हासिल कर सकता है।
इस संदेश में यह भी बताया गया है कि व्यक्ति और समाज के बीच मजबूत संबंध बनाने के लिए संवेदनशीलता, अच्छे आचरण और सकारात्मक सोच जरूरी है। यही गुण किसी व्यक्ति को सम्मान और सद्भाव का पात्र बनाते हैं।
International Youth Day: इससे पहले भी पीएम मोदी ने साझा किया था सुभाषित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले भी सोशल मीडिया पर संस्कृत के कई सुभाषित साझा करते रहे हैं। मंगलवार को भी उन्होंने एक संस्कृत श्लोक पोस्ट किया था, जिसमें मनुष्य के व्यक्तित्व को बेहतर बनाने वाले विभिन्न गुणों का उल्लेख किया गया था।
उस सुभाषित में बुद्धि, अच्छे आचरण, संयम, ज्ञान, पराक्रम, प्रभावी वाणी, अपनी क्षमता के अनुसार दान और कृतज्ञता जैसे गुणों को महत्वपूर्ण बताया गया था। इसका संदेश था कि इन गुणों के विकास से व्यक्ति का जीवन अधिक सार्थक और प्रभावशाली बनता है।
International Youth Day: आठ गुणों से व्यक्तित्व को बेहतर बनाने का संदेश
पहले साझा किए गए सुभाषित का भावार्थ बताते हुए कहा गया था कि मनुष्य के जीवन को कई श्रेष्ठ गुण प्रकाशित करते हैं। बुद्धि व्यक्ति को सही रास्ता चुनने में मदद करती है, जबकि सदाचार उसके व्यवहार को बेहतर बनाता है।
संयम व्यक्ति को अनुशासित रखता है और ज्ञान उसे सही तथा गलत के बीच अंतर समझने की क्षमता देता है। पराक्रम कठिन परिस्थितियों में मजबूती से खड़े रहने की प्रेरणा देता है। वहीं अच्छी वाणी व्यक्ति को समाज में प्रभावी संवाद स्थापित करने में मदद करती है।
इसके अलावा अपनी सामर्थ्य के अनुसार दूसरों की सहायता करना और मिले उपकारों के प्रति कृतज्ञ रहना भी अच्छे व्यक्तित्व की पहचान बताया गया है।
International Youth Day: सोमवार को भी साझा किया था संस्कृत मंत्र
प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को भी सोशल मीडिया पर संस्कृत का एक मंत्र साझा किया था। इसमें शुभ वचन सुनने, कल्याणकारी चीजों को देखने और स्वस्थ शरीर के साथ लोकहित में जीवन बिताने की भावना व्यक्त की गई थी।
इस संदेश का मूल भाव यह था कि व्यक्ति को अपने जीवन में सकारात्मक और ज्ञानवर्धक बातों को अपनाना चाहिए। साथ ही स्वस्थ शरीर, अच्छे आचरण और श्रेष्ठ विचारों के साथ समाज तथा राष्ट्र के हित में योगदान देना चाहिए।
International Youth Day: 7 अगस्त को परोपकार से जुड़ा सुभाषित किया था पोस्ट
प्रधानमंत्री ने 7 अगस्त को भी एक संस्कृत सुभाषित साझा किया था। उस श्लोक में चंद्रमा के उदाहरण के माध्यम से निस्वार्थ सेवा और परोपकार की भावना को समझाया गया था।
इसका संदेश था कि जिस तरह चंद्रमा बिना किसी स्वार्थ के अपनी रोशनी से कमलिनी को प्रकाशित करता है, उसी तरह महान और उदार हृदय वाले लोग भी बिना किसी अपेक्षा के दूसरों का भला करते हैं। परोपकार उनके लिए केवल कोई विशेष कार्य नहीं, बल्कि उनके स्वभाव और जीवन का हिस्सा होता है।
International Youth Day: युवाओं के लिए लगातार प्रेरक संदेश दे रहे PM Modi
प्रधानमंत्री मोदी की ओर से लगातार साझा किए जा रहे संस्कृत सुभाषितों में जीवन मूल्यों, अच्छे आचरण, सेवा, अनुशासन, ज्ञान, परोपकार और कृतज्ञता जैसे विषयों पर जोर दिया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर युवाओं को देश की वर्तमान शक्ति बताते हुए उन्होंने एक बार फिर इन्हीं मूल्यों को सामने रखा।
युवाओं के संदर्भ में प्रधानमंत्री का संदेश यह है कि देश की प्रगति में उनकी भूमिका केवल तकनीक, शिक्षा और रोजगार तक सीमित नहीं है। संवेदनशीलता, सेवा भावना, जिम्मेदारी और अच्छे चरित्र के साथ समाज के प्रति योगदान देना भी उनके व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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