BY
Yoganand Shrivastava
Bashar al-Assad Death Sentence सीरिया की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद और उनके भाई माहेर अल-असद को मानवता के खिलाफ अपराधों और युद्ध अपराधों के मामलों में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने यह फैसला उनकी गैरमौजूदगी में सुनाया। न्यायालय का कहना है कि दोनों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी और उन्हें न्याय के दायरे में लाने के प्रयास किए जाएंगे।
अदालत के अनुसार, बशर अल-असद को हत्या, यातना, मनमानी गिरफ्तारियों और नागरिकों के खिलाफ गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों का दोषी पाया गया है। वहीं, माहेर अल-असद को सुरक्षा बलों और सैन्य अभियानों में कथित भूमिका के लिए जिम्मेदार माना गया।
Bashar al-Assad Death Sentence 2011 के विद्रोह और गृहयुद्ध से जुड़े आरोप
फैसले में 2011 में शुरू हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान की गई कार्रवाई को प्रमुख आधार बनाया गया है। उस समय सीरिया में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिन्हें दबाने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा कठोर कदम उठाए गए थे। इसके बाद देश लंबे गृहयुद्ध में फंस गया, जिसमें लाखों लोग प्रभावित हुए और भारी जनहानि हुई।
अदालत ने असद के चचेरे भाई और पूर्व सुरक्षा अधिकारी आतेफ नजीब को भी मौत की सजा सुनाई है। उन पर दारा प्रांत में प्रदर्शन से जुड़े बच्चों के साथ कथित यातना और दमनात्मक कार्रवाई का आरोप था, जिसे सीरियाई संघर्ष की शुरुआती घटनाओं में महत्वपूर्ण माना जाता है।
Bashar al-Assad Death Sentence सत्ता से हटने के बाद भी जारी है अस्थिरता
दिसंबर 2024 में विद्रोही बलों के अभियान के बाद बशर अल-असद का शासन समाप्त हो गया था और वे देश छोड़कर रूस चले गए थे। हालांकि सत्ता परिवर्तन के बाद भी सीरिया पूरी तरह शांति की राह पर नहीं लौट सका है। विभिन्न क्षेत्रों में हिंसा, सांप्रदायिक तनाव और सुरक्षा चुनौतियां बनी हुई हैं।
सीरियाई प्रशासन का कहना है कि पूर्व शासनकाल से जुड़े मामलों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया का उद्देश्य जवाबदेही तय करना तथा देश में स्थायी शांति और कानून व्यवस्था को मजबूत करना है। इसी क्रम में कई पूर्व अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी है।



