MP Milk Adulteration Campaign : मध्य प्रदेश में दूध, घी और अन्य दुग्ध उत्पादों में मिलावट के खिलाफ चल रहे प्रदेशव्यापी अभियान के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। प्रदेश में जारी विशेष अभियान की समीक्षा के दौरान कार्य में लापरवाही बरतने वाले तीन खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही विभिन्न जिलों के 42 उपसंचालक, अभिहित अधिकारी और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को भी कारण बताओ नोटिस और स्पष्टीकरण जारी किए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन की ओर से की गई इस कार्रवाई को प्रदेश में मिलावट के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को गंभीरता से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग का फोकस दूध, घी, मावा, पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता की जांच और मिलावट पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने पर है।

MP Milk Adulteration Campaign : दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट के खिलाफ अभियान जारी
प्रदेश में दूध, घी और दुग्ध उत्पादों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अलग-अलग जिलों में खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जा रहे हैं और उनकी जांच कराई जा रही है। विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार अभियान के दौरान दूध, मावा, पनीर, घी और अन्य दुग्ध उत्पादों के नमूने जांच के लिए लिए गए हैं।
उपलब्ध अभियान विवरण के मुताबिक बड़ी संख्या में नमूनों की जांच की गई है और मानक के अनुरूप नहीं पाए गए उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया भी जारी है। विभाग का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ आम उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
MP Milk Adulteration Campaign : तीन खाद्य सुरक्षा अधिकारियों पर गिरी गाज
प्रदेशव्यापी अभियान की समीक्षा के दौरान विभाग ने कार्य में लापरवाही के मामले में तीन खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबित अधिकारियों में अवनीश गुप्ता, जिला मुरैना, श्रीमती प्रीति राय, सागर और श्री राजेश राय, जिला पन्ना शामिल हैं।
विभाग के अनुसार इन अधिकारियों को सौंपे गए कार्य में लापरवाही बरतने के कारण यह कार्रवाई की गई है। अभियान की निगरानी के दौरान अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा की गई, जिसके बाद निलंबन का निर्णय लिया गया।
MP Milk Adulteration Campaign : 42 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस
सिर्फ तीन अधिकारियों पर कार्रवाई तक मामला सीमित नहीं रहा। प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात 42 उपसंचालक, अभिहित अधिकारी और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को भी सिविल सेवा आचरण नियम के तहत कारण बताओ नोटिस या स्पष्टीकरण जारी किए गए हैं।
इन अधिकारियों से उनके कार्यों और अभियान के दौरान अपेक्षित जिम्मेदारियों के संबंध में जवाब मांगा गया है। विभाग की इस कार्रवाई से साफ है कि मिलावट विरोधी अभियान के क्रियान्वयन में लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है।
MP Milk Adulteration Campaign : दूध, घी, मावा और पनीर की हो रही जांच
मिलावट के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में दूध और उससे तैयार होने वाले विभिन्न उत्पादों को प्रमुखता से जांच के दायरे में रखा गया है। इनमें दूध, घी, मावा, पनीर और अन्य दुग्ध उत्पाद शामिल हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी इन उत्पादों के नमूने लेकर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनकी जांच करा रहे हैं। यदि किसी खाद्य पदार्थ का नमूना मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है, तो संबंधित खाद्य कारोबारी या प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
MP Milk Adulteration Campaign : उपभोक्ताओं की सेहत को लेकर विभाग सख्त
दूध और दुग्ध उत्पाद रोजमर्रा के भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में इन उत्पादों में मिलावट का सीधा संबंध उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़ा है। यही वजह है कि खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा अभियान के दौरान बाजारों और खाद्य प्रतिष्ठानों की निगरानी बढ़ाई जा रही है।
विभाग का प्रयास है कि बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप हों। मिलावट या असुरक्षित खाद्य सामग्री की शिकायत मिलने पर नमूने लेकर जांच की जा रही है।
MP Milk Adulteration Campaign : लापरवाही पर आगे भी हो सकती है कार्रवाई
प्रदेशव्यापी अभियान की समीक्षा के बाद हुई कार्रवाई ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के लिए भी स्पष्ट संदेश दिया है कि अभियान से जुड़े कार्यों में लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा। तीन अधिकारियों के निलंबन और 42 अधिकारियों को नोटिस जारी किए जाने से विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया तेज होती दिखाई दे रही है।
अब नोटिस पाने वाले अधिकारियों के जवाब और स्पष्टीकरण के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जा सकती है। वहीं प्रदेश में दूध, घी और अन्य दुग्ध उत्पादों की जांच का अभियान जारी रहेगा।
MP Milk Adulteration Campaign : मिलावट मुक्त मध्य प्रदेश पर विभाग का जोर
मध्य प्रदेश में मिलावट के खिलाफ अभियान का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना है। विभाग की ओर से लगातार नमूने लेने, उनकी जांच कराने और मानक के विपरीत पाए जाने वाले खाद्य पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है।
हालिया प्रशासनिक कार्रवाई से यह संकेत मिला है कि अभियान के दौरान अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रदर्शन की भी निगरानी की जा रही है। आने वाले दिनों में जांच और कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है

