Sonipat Balochistan Protest : सोनीपत जिला न्यायालय में वकीलों का प्रदर्शन
Sonipat Balochistan Protest : हरियाणा के सोनीपत में मंगलवार को बलूचिस्तान के समर्थन में वकीलों का प्रदर्शन देखने को मिला। सोनीपत जिला न्यायालय परिसर में एकत्रित हुए वकीलों ने हाथों में बलूचिस्तान के झंडे लेकर अपना समर्थन जताया और ‘बलूचिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने बलूचिस्तान के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की बात कही।
वकीलों ने कहा कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर एक बड़ी रैली आयोजित की जाएगी। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बलूचिस्तान के समर्थन में पत्र भेजने की भी बात कही। इस प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में है।

Sonipat Balochistan Protest : वकीलों ने बलूचिस्तान के समर्थन में उठाई आवाज
प्रदर्शन कर रहे वकीलों का कहना था कि बलूचिस्तान के लोगों की आजादी की मांग को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सुना जाना चाहिए। उनका दावा है कि पाकिस्तान ने बलूचिस्तान पर जबरन नियंत्रण स्थापित किया और वहां के लोग लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
वकीलों ने कहा कि भारत को बलूचिस्तान के लोगों की मांग का समर्थन करना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने बलूचिस्तान के झंडे हाथों में लेकर अपनी मांग को सामने रखा।
Sonipat Balochistan Protest : UN और प्रधानमंत्री को पत्र भेजने की तैयारी
प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने घोषणा की कि जल्द ही एक बड़ी रैली आयोजित की जाएगी। इस रैली के जरिए संयुक्त राष्ट्र और प्रधानमंत्री को बलूचिस्तान के समर्थन में पत्र भेजने की बात कही गई है।
वकीलों ने यह भी कहा कि वे अपने समर्थन को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय न्यायालय से भी इस मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग करने की बात कही।
Sonipat Balochistan Protest : 11 अगस्त की तारीख को लेकर अलग-अलग दावे
प्रदर्शन में शामिल वकीलों ने 11 अगस्त 1947 को बलूचिस्तान की स्वतंत्रता से जोड़ते हुए अपनी बात रखी। हालांकि, बलूचिस्तान के इतिहास और 1947-48 में उसके पाकिस्तान में शामिल होने की प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग ऐतिहासिक दावे मौजूद हैं।
बलूचिस्तान सरकार की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, उस समय क्षेत्र में ब्रिटिश बलूचिस्तान के साथ कलात, मकरान, लसबेला और खरान जैसे अलग-अलग राजनीतिक क्षेत्र थे। कलात के खान ने मार्च 1948 में पाकिस्तान के साथ विलय के दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे।
इसलिए 11 अगस्त को ‘बलूचिस्तान स्वतंत्रता दिवस’ के रूप में मनाने का दावा एक विवादित ऐतिहासिक-राजनीतिक विमर्श का हिस्सा है, जिसे अलगाववादी और राष्ट्रवादी समूह अलग-अलग तरीके से प्रस्तुत करते हैं।
Sonipat Balochistan Protest : प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान पर लगाए गंभीर आरोप
सोनीपत में प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सेना ने बलूचिस्तान पर जबरन कब्जा किया हुआ है। उनका कहना था कि बलूचिस्तान के लोग लगातार अपने अधिकार और स्वतंत्रता के लिए आवाज उठा रहे हैं।
वकीलों ने दावा किया कि बलूचिस्तान की संस्कृति और रहन-सहन भारत से मिलते-जुलते हैं। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने बलूचिस्तान के समर्थन में अपनी भावनाएं व्यक्त कीं और कहा कि भारत को इस मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए।
Sonipat Balochistan Protest : बड़ी रैली और ‘खून से पत्र’ भेजने की बात
वकीलों ने कहा कि आगामी दिनों में बलूचिस्तान के समर्थन में बड़ी रैली की जाएगी। इस दौरान प्रधानमंत्री और संयुक्त राष्ट्र को पत्र भेजने की बात कही गई है। प्रदर्शनकारियों ने इसे बलूचिस्तान के समर्थन में अपनी आवाज को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का माध्यम बताया।
सोनीपत में हुआ यह प्रदर्शन ऐसे समय में सामने आया है जब 11 अगस्त को बलूचिस्तान से जुड़ी स्वतंत्रता की मांग को लेकर विभिन्न समूहों की ओर से गतिविधियां और बयान चर्चा में हैं।
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