BY
Yoganand Shrivastava
Supreme Court Judge Appointment: देश की न्याय व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ व सुचारू बनाने की दिशा में सोमवार को एक बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को हरी झंडी दे दी है। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग द्वारा सोमवार सुबह इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई। इन नए जजों के शपथ ग्रहण करते ही देश की सर्वोच्च अदालत में कार्यरत न्यायाधीशों की कुल संख्या बढ़कर 37 हो जाएगी। हालांकि, हाल ही में बढ़ाए गए नए कोटे के बावजूद शीर्ष अदालत में अभी भी एक पद रिक्त रहेगा।

Supreme Court Judge Appointment: वरिष्ठ वकील वी. मोहना समेत 4 हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रमोट
केंद्रीय कानून मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारत के राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 124(2) के तहत इन नियुक्तियों को मंजूरी दी है। सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में पदोन्नत होने वाले दिग्गजों की सूची इस प्रकार है:
- वेंकिता सुब्रमणि मोहना (वी. मोहना): उच्चतम न्यायालय की वरिष्ठ अधिवक्ता (Senior Advocate)
- न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर: मुख्य न्यायाधीश, बंबई उच्च न्यायालय
- न्यायमूर्ति शील नागू: मुख्य न्यायाधीश, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय
- न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा: मुख्य न्यायाधीश, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय
- न्यायमूर्ति अरुण पल्ली: मुख्य न्यायाधीश, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय
Supreme Court Judge Appointment: पिछले महीने ही बदली गई थी जजों की स्वीकृत संख्या (Sanctioned Strength)
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पिछले महीने ही एक विशेष अध्यादेश जारी कर कानून में संशोधन किया था। इसके तहत सुप्रीम कोर्ट में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सहित न्यायाधीशों की अधिकतम स्वीकृत संख्या को 34 से बढ़ाकर 38 कर दिया गया था। संख्या बढ़ाए जाने के बाद शीर्ष अदालत में कुल छह पद खाली हो गए थे। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम (Collegium) ने बीते 27 मई को इन पांच नामों की सिफारिश भेजी थी, जिसे सरकार ने रिकॉर्ड चार दिनों के भीतर अपनी मंजूरी दे दी। इन नियुक्तियों के बाद अब केवल एक पद खाली बचेगा जिसे भविष्य में भरा जाएगा।

Supreme Court Judge Appointment: लंबित मुकदमों के निपटारे में आएगी तेजी, बढ़ेगी लैंगिक व क्षेत्रीय विविधता
सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने और इन नई नियुक्तियों के पीछे मुख्य उद्देश्य अदालत में सालों से लंबित पड़े मामलों (Pending Cases) के बोझ को कम करना है। इसके साथ ही, जजों की संख्या बढ़ने से बड़ी और नियमित संविधान पीठों (Constitution Benches) का गठन आसानी से हो सकेगा। जानकारों का मानना है कि इन नियुक्तियों में वरिष्ठता और योग्यता के साथ-साथ क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और लैंगिक विविधता (Gender Diversity) का भी पूरा ख्याल रखा गया है, जिससे न्यायिक प्रणाली और अधिक समावेशी बनेगी।





