BY
Yoganand Shrivastava
Dharmendra Pradhan Resignation केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर के बाद छात्र आंदोलन से जुड़े विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। सामाजिक कार्यकर्ता और नवोन्मेषक सोनम वांगचुक ने छात्रों को बधाई देते हुए इसे लोकतंत्र और जवाबदेही की जीत बताया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने संदेश में वांगचुक ने कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है, जो सीधे जनता और युवाओं की आवाज से निकली है। उन्होंने आंदोलन में शामिल युवाओं, विशेष रूप से जेन-जी (Gen Z), की शांतिपूर्ण और दृढ़ भागीदारी की सराहना की।
Dharmendra Pradhan Resignation छात्र आंदोलन के समर्थन में किया था अनशन
सोनम वांगचुक शुरुआत से ही छात्र आंदोलन के समर्थन में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने आंदोलन के समर्थन में जून के अंत में अनशन भी शुरू किया था। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां चिकित्सकीय निगरानी में उनका उपचार चला।
बाद में विभिन्न पक्षों के साथ हुई बातचीत और शांति बनाए रखने की अपील के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया था। उस दौरान उन्होंने आंदोलनकारियों से संयम बनाए रखने और किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहने की अपील की थी।
Dharmendra Pradhan Resignation मेट्रो सेवाओं में आंशिक राहत, कई स्टेशन अब भी बंद
इधर, दिल्ली में प्रदर्शन के बीच बंद किए गए कुछ मेट्रो स्टेशनों पर आंशिक राहत दी गई है। राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन पर प्रवेश और निकास की सुविधा फिर से शुरू कर दी गई है।
हालांकि, सुरक्षा कारणों से कई अन्य स्टेशन अभी भी बंद हैं। प्रशासन ने लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर आधिकारिक प्रक्रिया और आगे की राजनीतिक स्थिति पर सभी की नजरें बनी हुई हैं। वहीं, छात्र संगठनों और सरकार के बीच वार्ता को लेकर भी लगातार गतिविधियां जारी हैं।



