Kerala Journalists UP Model लखनऊ में आयोजित एक विशेष मीडिया संवाद कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश और केरल के पत्रकारों ने अपने-अपने राज्यों की कार्यशैली, विकास मॉडल, संस्कृति और मीडिया की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम का आयोजन पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) लखनऊ और उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस दौरान ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
यूपी की कानून-व्यवस्था और विकास मॉडल को समझा
Kerala Journalists UP Model कार्यक्रम में शामिल केरल के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। प्रतिनिधियों ने राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अपनाए गए उपायों और सरकार तथा आम जनता के बीच संवाद स्थापित करने की व्यवस्थाओं को समझने में रुचि दिखाई। चर्चा के दौरान सुशासन और जनभागीदारी से जुड़े विषय भी प्रमुखता से उठाए गए।
शिक्षा और मीडिया की भूमिका पर हुआ विचार-विमर्श
Kerala Journalists UP Model संवाद के दौरान उत्तर प्रदेश के पत्रकारों ने केरल की शिक्षा व्यवस्था और उसके बेहतर प्रदर्शन के कारणों को जानने का प्रयास किया। दोनों राज्यों के मीडिया प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि स्थानीय मुद्दों, जनसरोकारों और सामाजिक विषयों को समाचारों में किस प्रकार स्थान दिया जाता है। मीडिया की बदलती भूमिका और क्षेत्रीय पत्रकारिता की चुनौतियों पर भी चर्चा की गई।
सिनेमा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर भी चर्चा
Kerala Journalists UP Model बैठक में बॉलीवुड और दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग के बीच बढ़ते संबंधों पर भी विचार साझा किए गए। प्रतिभागियों ने माना कि सिनेमा सांस्कृतिक आदान-प्रदान का प्रभावी माध्यम बन सकता है और इससे विभिन्न राज्यों के बीच बेहतर समझ विकसित होती है। कार्यक्रम में दोनों राज्यों की सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने वाले प्रयासों पर भी चर्चा हुई।
इस अवसर पर पीआईबी केरल की निदेशक वी. पार्वती, उत्तर प्रदेश सूचना विभाग के अपर निदेशक अरविंद कुमार मिश्रा सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों के वरिष्ठ पत्रकार मौजूद रहे। एनडीटीवी, इंडिया टीवी, टाइम्स नाउ, मलयाला मनोरमा, केरल कौमुदी, मंगलम, मातृभूमि, द इंडियन एक्सप्रेस और द न्यू इंडियन एक्सप्रेस सहित कई प्रमुख संस्थानों के प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ पहल के तहत आयोजित यह कार्यक्रम दोनों राज्यों के मीडिया प्रतिनिधियों के बीच संवाद, सहयोग और अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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