BRICS Summit 2026 : भारत बन रहा ग्लोबल पॉवर सेंटर, PM मोदी पर दुनिया की नजर,भारत की दुनिया में कूटनीतिक धाक, ग्लोबल साउथ की बना आवाज
BRICS Summit 2026 : एजेंडा में आज बात भारत में हो रहे 18वां BRICS शिखर सम्मेलन की, बात कूटनीतिक नेतृत्व व ग्लोबल लीडरशिप में भारत की बढ़ती धाक की, बात एक मंच पर मोदी-पुतिन-जिनपिंग जैसे दुनिया के तीन बड़े नेताओं की। फिलहाल दुनिया की नजरें भारत पर टिकी हैं। 12–13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वां BRICS शिखर सम्मेलन हो रहा है, जिसकी मेजबानी भारत कर रहा है। मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग की मौजूदगी इसे खास तौर पर हाई-वोल्टेज कूटनीतिक मंच बना रही है। इस बार भारत के लिए यह सिर्फ सम्मेलन नहीं, बल्कि कूटनीतिक नेतृत्व और Global South में अपनी भूमिका मजबूत करने का बड़ा मंच है। 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन यह स्पष्ट करता है कि भारत अब वैश्विक नियमों का सिर्फ पालन करने वाला देश नहीं, बल्कि वैश्विक व्यवस्था और नियमों को तय करने वाला एक ‘ग्लोबल रूल-मेकर’ बनकर उभरा है। पुतिन और जिनपिंग जैसे शक्तिशाली नेताओं के बीच रहते हुए भी अपनी संप्रभुता, स्वतंत्र विदेश नीति और राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखना ही वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती धाक और साख को दर्शाता है। क्योंकि ब्रिक्स एक ऐसा प्रमुख मंच है जहां भारत, रूस और चीन एक साथ बैठते हैं। हाल के वर्षों में ब्रिक्स का विस्तार हुआ है और यह संगठन पश्चिमी देशों (विशेषकर G7) के प्रभुत्व को चुनौती देने वाले एक मजबूत आर्थिक और रणनीतिक ब्लॉक के रूप में उभरा है। और अब दिल्ली में दुनिया की महाशक्तियों का जमावड़ा है, और भारत ग्लोबल डिप्लोमेसी का केंद्र बना हुआ है। मोदी के मंच पर पुतिन और जिनपिंग की मौजूदगी से दुनिया की नजर भारत पर है। तीन दिग्गज एक मंच पर ये विश्व मंच पर भारत की कूटनीतिक ताकत है। अब ग्लोबल पावर के तौर पर भारत का उभार है, बतौर ग्लोबल लीडरशिप भारत की धाक बढ़ रही है। मोदी के साथ पुतिन-जिनपिंग की मौजूदगी और भारत के बदलते ग्लोबल समीकरण पर चर्चा करेंगे लेकिन पहले देखते हैं ये रिपोर्ट।।।
BRICS Summit 2026 : भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक ही मंच पर जुट रहे हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सम्मेलन से पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं और प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी गर्मजोशी से मुलाकात हुई है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग लगभग 7 साल के अंतराल के बाद भारत आए हैं, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। क्योंकि मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग की मौजूदगी इसे खास तौर पर हाई-वोल्टेज कूटनीतिक मंच बना रही है। भारत मंडपम में आयोजित 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है। वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती कूटनीतिक धाक, रणनीतिक स्वायत्तता और मजबूत ग्लोबल लीडरशिप का एक ऐतिहासिक प्रतीक है। G20 की ऐतिहासिक सफलता के बाद, भारत एक बार फिर इस विस्तारित 11-सदस्यीय वैश्विक संगठन की मेजबानी कर रहा है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था और भू-राजनीति को नई दिशा देने की क्षमता रखता है।
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