Hartalika Teej 2026: भोपाल के ज्योतिष मठ संस्थान की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस वर्ष हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर को रखा जाएगा। ज्योतिषाचार्य एवं भविष्यवक्ता पंडित विनोद गौतम ने इस बार हरतालिका तीज पर तृतीया, चतुर्थी और ऋषि पंचमी के संयोग को विशेष बताया है। उनके अनुसार, ऐसा संयोग कई वर्षों बाद बन रहा है और इसी वजह से इसे व्रत की त्रिवेणी कहा जा रहा है।
Hartalika Teej 2026: प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि इस बार हरतालिका तीज के साथ गणेश चतुर्थी का भी संयोग बन रहा है। इसी कारण इसे गणपति तीज भी कहा जा रहा है। वहीं 15 सितंबर को व्रत के पारण के समय ऋषि पंचमी का स्पर्श होने की बात कही गई है।
Hartalika Teej 2026: तृतीया और चतुर्थी के संयोग को बताया विशेष
Hartalika Teej 2026: ज्योतिष मठ संस्थान भोपाल के ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद गौतम के मुताबिक इस वर्ष तृतीया तिथि के साथ चतुर्थी तिथि का संयोग बन रहा है। उनके अनुसार हरतालिका तीज भगवान शिव को समर्पित व्रत है, जबकि चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित मानी जाती है। इसलिए इस संयोग में दोनों देवताओं का एक साथ आवाहन किया जा सकता है।
Hartalika Teej 2026: पंडित गौतम ने बताया कि संकल्प काल और कर्मकाल के लिहाज से तृतीया तिथि का होना आवश्यक माना गया है। उनके अनुसार द्वितीया के साथ तृतीया तिथि का संयोग मान्य नहीं होने के कारण इस वर्ष हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर को ही किया जाएगा।
Hartalika Teej 2026: उन्होंने सोशल मीडिया पर 13 सितंबर को तीज व्रत को लेकर चल रहे भ्रम पर भी स्थिति स्पष्ट करने की बात कही। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, किसी भी पंचांग में 13 सितंबर को हरतालिका तीज व्रत करने का उल्लेख नहीं बताया गया है।
Hartalika Teej 2026: पति की लंबी आयु और मनोकूल जीवनसाथी की कामना से जुड़ा व्रत
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज को वर्ष के कठिन निर्जला व्रतों में से एक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से यह व्रत करती हैं। प्रेस विज्ञप्ति में इसे मनोकूल पति की प्राप्ति और संतान की आयु वृद्धि की कामना से भी जुड़ा बताया गया है।
Hartalika Teej 2026: इस बार 15 सितंबर को सूर्योदय के साथ ऋषि पंचमी का व्रत शुरू होने की बात भी कही गई है। पंडित विनोद गौतम के अनुसार ऋषि पंचमी का व्रत जाने-अनजाने में हुई गलतियों और शुद्ध-अशुद्धि के लिए क्षमा याचना से जुड़ा माना जाता है।
Hartalika Teej 2026: प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 14 सितंबर को बुद्धादित्य योग, रवि योग, ब्रह्म योग, मुद्गर योग और सोम योग समेत कई शुभ योगों का उल्लेख किया गया है। साथ ही चित्रा-स्वाती नक्षत्र और तुला राशि के चंद्रमा का संयोग बताया गया है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार ये योग पति-पत्नी के प्रेम संबंधों में वृद्धि और वैवाहिक जीवन में शुभता के लिए अनुकूल माने जा रहे हैं।
Hartalika Teej 2026: गणेश चतुर्थी को कलंक चतुर्थी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन चतुर्थी के चंद्रमा के दर्शन करना निषिद्ध माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा के दर्शन करने से कलंक लग सकता है। हालांकि यह धार्मिक मान्यता है, जिसका पालन अलग-अलग परंपराओं और परिवारों में अलग तरीके से किया जाता है।
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