Isa Ahmad
Khairagarh Advocate FIR मामले में अधिवक्ताओं ने खोला मोर्चा
Khairagarh Advocate FIR: खैरागढ़ में वरिष्ठ अधिवक्ता अर्जुन वर्मा के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। एफआईआर के विरोध में जिला अधिवक्ता संघ ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और वरिष्ठ अधिवक्ता के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की है।
Khairagarh Advocate FIR को लेकर अधिवक्ता संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। संघ के पदाधिकारियों के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
Khairagarh Advocate FIR: सीमांकन के दौरान विवाद का सामने आया मामला
बताया गया है कि विवाद सीमांकन की कार्रवाई के दौरान हुआ। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अर्जुन वर्मा और कमलेश कोठले के बीच विवाद होने की बात सामने आई है। अधिवक्ता संघ के अनुसार, अर्जुन वर्मा संबंधित प्रकरण में न्यायालय के आदेश के तहत राजस्व निरीक्षक और पटवारी के साथ मौके पर मौजूद थे।
संघ का आरोप है कि सीमांकन की कार्रवाई के दौरान कमलेश कोठले और कुछ अन्य लोगों ने अर्जुन वर्मा के साथ कथित तौर पर गाली-गलौच और मारपीट की। इसी घटना के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और दोनों पक्षों के बीच विवाद ने तूल पकड़ लिया।
Khairagarh Advocate FIR: अधिवक्ता संघ ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
Khairagarh Advocate FIR मामले में जिला अधिवक्ता संघ का कहना है कि घटना के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता अर्जुन वर्मा के खिलाफ जातिगत गाली-गलौच से संबंधित शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई। संघ ने इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि पूरे घटनाक्रम की पर्याप्त जांच किए बिना ही उनके साथी अधिवक्ता के खिलाफ कार्रवाई की गई। संघ का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जानी चाहिए और यदि किसी पक्ष की ओर से मारपीट या दुर्व्यवहार किया गया है तो उस पर भी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
Khairagarh Advocate FIR: कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
एफआईआर के विरोध में जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर और सचिव संदीप दास वैष्णव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मामले में निष्पक्ष जांच और एफआईआर निरस्त करने की मांग रखी।
अधिवक्ताओं ने कहा कि किसी भी मामले में कार्रवाई तथ्यों और निष्पक्ष जांच के आधार पर होनी चाहिए। संघ ने प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच कराने और दोनों पक्षों के बयानों तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की मांग की है।
वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील पांडे ने पुलिस कार्रवाई पर जताई आपत्ति
मामले को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील पांडे ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में पर्याप्त जांच किए बिना एकतरफा कार्रवाई की गई है।
उनका कहना है कि घटना के सभी पहलुओं को सामने लाने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए। अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि उनके साथी के साथ भी मारपीट या दुर्व्यवहार हुआ है तो उस शिकायत की भी निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए।
साथी अधिवक्ता के समर्थन में सड़क पर उतरा संघ
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने कहा कि अपने साथी अधिवक्ता को न्याय दिलाने के लिए संघ को सड़क पर उतरना पड़ा है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता संघ अपने सदस्य के साथ खड़ा है और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग को लेकर प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखी गई है।
संघ ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है। इससे आने वाले दिनों में यह मामला और गरमाने की संभावना है।
कमलेश कोठले के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग
Khairagarh Advocate FIR मामले में अधिवक्ता संघ ने केवल एफआईआर रद्द करने की मांग ही नहीं की है, बल्कि कमलेश कोठले के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की मांग रखी है।
संघ का कहना है कि यदि घटनाक्रम के दौरान मारपीट या अन्य किसी तरह की आपत्तिजनक गतिविधि हुई है तो उसकी भी जांच होनी चाहिए। अधिवक्ताओं ने प्रशासन से दोनों पक्षों को सुनकर निष्पक्ष तरीके से मामले का समाधान निकालने की मांग की है।
छत्तीसगढ़ अधिवक्ता परिषद को भी दिया गया ज्ञापन
मामले को लेकर जिला अधिवक्ता संघ की ओर से छत्तीसगढ़ अधिवक्ता परिषद को भी ज्ञापन दिए जाने की जानकारी सामने आई है। संघ इस मामले को उच्च स्तर पर भी उठाने की तैयारी में है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि मामला केवल एक व्यक्ति से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह अधिवक्ताओं की कार्यप्रणाली और उनके सम्मान से भी संबंधित है। इसी वजह से संघ ने मामले में गंभीरता से हस्तक्षेप की मांग की है।
प्रशासन के अगले कदम पर टिकी नजर
Khairagarh Advocate FIR विवाद में अब सभी की नजर प्रशासन और पुलिस की अगली कार्रवाई पर है। अधिवक्ता संघ ने निष्पक्ष जांच, एफआईआर रद्द करने और दूसरे पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी है।
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फिलहाल दोनों पक्षों के दावों और आरोपों के बीच प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, यह महत्वपूर्ण होगा। निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



