BY
Yoganand Shrivastava
Tata Sons Chairman टाटा समूह में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन देखने को मिल सकता है। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। हालांकि वे अपने मौजूदा कार्यकाल की अवधि पूरी करेंगे, जो 20 फरवरी 2027 तक निर्धारित है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि कार्यकाल समाप्त होने के बाद वे दोबारा नियुक्ति की मांग नहीं करेंगे।
चंद्रशेखरन ने बोर्ड को अपने फैसले की जानकारी देते हुए उत्तराधिकारी के चयन की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का सुझाव दिया है, ताकि नेतृत्व परिवर्तन सुचारु रूप से हो सके।
Tata Sons Chairman: AGM से पहले बढ़ी चर्चा, पुनर्नियुक्ति पर था संशय
Tata Sons Chairman 18 अगस्त को होने वाली कंपनी की वार्षिक आम बैठक (AGM) में चंद्रशेखरन की निदेशक के रूप में पुनर्नियुक्ति पर मतदान प्रस्तावित था। इससे पहले उनकी दोबारा नियुक्ति को लेकर कंपनी के भीतर अनिश्चितता बनी हुई थी।
सूत्रों के अनुसार, टाटा समूह की कुछ व्यावसायिक रणनीतियों और नए कारोबारों के प्रदर्शन को लेकर अलग-अलग मत सामने आए थे। इसी वजह से फरवरी में उनकी पुनर्नियुक्ति पर फैसला टाल दिया गया था। AGM से ठीक पहले उनके इस्तीफे की घोषणा ने कॉरपोरेट जगत में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
Tata Sons Chairman: 40 वर्षों के सफर को बताया गौरवपूर्ण
अपने बयान में एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि उन्होंने टाटा समूह के साथ अपने पेशेवर जीवन के लगभग 40 वर्ष पूरे किए हैं। उन्होंने इसे अपने करियर का सम्मानजनक और संतोषजनक अनुभव बताया।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक तक टाटा संस का नेतृत्व करना उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों की बात रही है। साथ ही उन्होंने बोर्ड से भविष्य के नेतृत्व को लेकर समय रहते निर्णय लेने की अपील की, ताकि समूह की विकास यात्रा निर्बाध रूप से जारी रह सके।
हाल के दिनों में टाटा समूह से जुड़े कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों के इस्तीफों के बाद यह फैसला और अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उद्योग जगत की नजर अब इस बात पर है कि टाटा संस का अगला नेतृत्व किसे सौंपा जाता है।
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